खसरा के बारे में पैरेंट्स को क्या पता होना चाहिए जाने?

खसरा संक्रमण के मामले देश में बढ़ रहे हैं। यह 1 सीरोटाइप वाले RNA वायरस से होता है। इस बीमारी में मरीज़ का बुखार 105 डिग्री तक जा सकता है। इसके अलावा नाक बहना लाल आंखें मुहं के अंदर सफेद रंग के धब्बे हो जाना इसके लक्षण हैं।

 भारत में इस साल खसरा संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। खासतौर पर महाराष्ट्र के कई इलाकों में इस संक्रमण का कहर बना हुआ है। अभी तक इस राज्य में 200 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 10 बच्चों की खसरा से मौत हो चुकी है। खसरा यानी मीज़ल्स का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इससे बचाव बिल्कुल मुमकिन है। ऐसे में मां-बाप को अपने बच्चों को खसरा से बचाने के लिए इस बीमारी के बारे में पता होना ज़रूरी है।

मीज़ल्स यानी खसरा के बारे में पैरेंट्स को क्या पता होना चाहिए?

इस तरह भारत में खसरा के मामले आ रहे हैं, उसे देखते हुए पैरेंट्स को इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक खसरा से बचने के लिए मां-बाप को इसके बारे में ये 4 बातें पता होनी चाहिए।

1. मीज़ल्स एक गंभीर बीमारी है

ज़्यादातर लोग मीज़ल्स को एक गंभीर बीमारी के रूप में नहीं लेते हैं, उनके अनुसार, हल्के चकत्ते और बुखार कुछ दिन में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। जबकि वास्तव में मीज़ल्स एक गंभीर बीमारी है, जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाती है। बच्चे में दिखने वाले मीज़ल्स के लक्षण कितनी गंभीर हो सकते हैं, इसका पता पहले से नहीं लगाया जा सकता। मीज़ल्स से पीड़ित 5 में से एक मरीज़ को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। कई लोग इसकी वजह से मस्तिष्क में सूजन का अनुभव भी करते हैं, जिससे दिमाग को क्षति पहुंचती है। बेस्ट देखभाल मिलने के बावजूद भी कई लोग जान गंवा बैठते हैं।

2. तेज़ी से फैलता है मीज़ल्स

मीज़ल्स हवा के माध्यम से फैलता है, जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है। यह इतना संक्रामक होता है कि एक संक्रमित व्यक्ति अपने आसपास के 9 से 10 लोगों को संक्रमित कर सकता है। आपके बच्चे को केवल उस कमरे में रहने से खसरा हो सकता है जहां खसरे से पीड़ित व्यक्ति रहा हो, यहां तक ​​कि उस व्यक्ति के जाने के दो घंटे बाद तक। एक संक्रमित व्यक्ति अनजाने में भी दूसरों में इसे फैला सकता है।

3. तेज़ी से क्यों फैल रहा है खसरा

भारत में अचानक से मीज़ल्स के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। इसकी वजह है कोरोना वायरस महामारी के दौरान लगा लॉकडाउन और दूसरे प्रतिबंध, जिनकी वजह से बच्चों को समय पर खसरे की वैक्सीन नहीं लग पाई। एक बच्चे के संक्रमित होने पर यह बीमारी तेज़ी से फैल रही है। ऐसे में सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे को पूरी वैक्सीन लगे।

4. बच्चों को ऐसे बचा सकते हैं मीज़ल्स से

मीज़ल्स से बच्चों को बचाने का बेस्ट तरीका है MMR (मीज़ल्स, मम्प्स-रूबला) वैक्सीन लगवाना। यह वैक्सीन बच्चों को लंबे समय तक मीज़ल्स के सभी स्ट्रेन्स से सुरक्षित रखती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nineteen + eleven =

Back to top button