नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले नामीबिया के कप्तान ने ICC से लगाई गुहार

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नामीबिया का सफर आसान नहीं रहा है, लेकिन सीमित संसाधनों और कम अवसरों के बावजूद इस टीम ने अपनी पहचान मजबूती से बनाई है। नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने कहा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें नियमित रूप से बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिलता। ऐसे में हर दो साल में होने वाला विश्व कप एक बड़ा स्तर परिवर्तन लेकर आता है, जिसकी तैयारी करना आसान नहीं होता। वहीं भारत के सामने भी हमें विश्व कप में कड़ी टक्कर मिलने वाली है।
इरास्मस बताते हैं कि अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए नामीबिया जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका की फ्रेंचाइजी टीमों के खिलाफ मैच खेलता है। इसके बावजूद, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और आयरलैंड जैसी टेस्ट खेलने वाली टीमों को हराना नामीबिया क्रिकेट की बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, सहयोगी स्टाफ और क्रिकेट में निवेश करने वाले लोगों की बदौलत संभव हुई है।
नामीबिया के सामने आर्थिक समस्या
नामीबिया में क्रिकेट का आधार मुख्य रूप से स्कूल क्रिकेट और आयु-वर्गीय टीमों अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-19 पर टिका है। पुरुष क्रिकेट में शीर्ष स्तर पर केवल चार क्लब खेलते हैं। हाल के वर्षों में अकादमी और हाई-परफॉर्मेंस संरचना खड़ी करने की कोशिश की गई है, हालांकि आर्थिक सीमाएं अब भी बड़ी बाधा हैं। इंग्लैंड की काउंटी टीमों के साथ बढ़ते संपर्क और नए मैदान के निर्माण से भविष्य को लेकर उम्मीद जगी है।
टी20 विश्व कप में लगातार भागीदारी से देश में क्रिकेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इरास्मस ने कहा, क्रिकेट ने अब रग्बी को भी लोकप्रियता में पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर विश्व स्तर पर दिखने से क्रिकेट को एक ब्रांड पहचान मिली है, जिससे दर्शकों में उत्साह और स्टेडियम में भीड़ बढ़ी है।
टी20 लीग को लेकर इरास्मस का बयान
टी20 लीगों को लेकर इरास्मस मानते हैं कि खिलाड़ी के नजरिये से ये बेहद अहम हैं। इससे न सिर्फ कौशल विकास होता है, बल्कि क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाना भी संभव होता है। उन्होंने खुद आईलटी20 सहित कई अंतरराष्ट्रीय लीगों में खेला है। उनका मानना है कि टी20 लीग्स ने एसोसिएट देशों में क्रिकेट के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। आज के टी20 क्रिकेट में सभी टीमें बराबरी से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। सही मानसिकता, अवसर और आत्मविश्वास के साथ नामीबिया जैसी टीमें भी विश्व क्रिकेट में बड़ा असर छोड़ सकती हैं।



