सोना पहली बार $5000 पार, चांदी ने बनाया ₹3.53 लाख का रिकॉर्ड; अचानक क्यों बढ़ीं कीमतें?

वैश्विक बाजार (Comex) में गोल्ड ने इतिहास रच दिया। सोना पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपए में 1,61,666 रुपए प्रति 10 ग्राम) (Gold Price Today) के पार निकल गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पिछले दो साल में इसकी कीमत दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। ग्लोबल बाजार में मची उथल-पुथल, जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका की आक्रामक नीतियों ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की तलाश में गोल्ड की ओर धकेल दिया है।
₹1.64 लाख के पार पहुंचा सोना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों के चलते वैश्विक रिश्तों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसका सीधा असर फाइनेंशियल मार्केट पर दिख रहा है। निवेशक सरकारी सोवरेन बॉन्ड और करेंसी जैसे एसेट्स से दूरी बना रहे हैं और गोल्ड में जमकर पैसा लगा रहे हैं। नतीजा यह रहा कि सिर्फ एक हफ्ते में सोने की कीमत 10% से ज्यादा उछल गई और यह 5093 डॉलर प्रति औंस तक (करीब 1,64,548 रुपए प्रति 10 ग्राम) पहुंच गई।
1979 के बाद सबसे तेज उछाल
सोने में यह तेजी मामूली नहीं है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में गोल्ड की कीमत दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। साल 1979 के बाद यह सबसे तेज उछाल माना जा रहा है। मौजूदा साल में ही सोना 15% से ज्यादा चढ़ चुका है और हर नया दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है।
चांदी भी पहुंची 3.53 लाख के पार
गोल्ड की तरह चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है। कमजोर डॉलर और बढ़ते जियोपॉलिटिकल खतरों के बीच चांदी पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस (Silver Crossess 100 Dollar) के पार निकल गई और 26 जनवरी 2.15 बजे तक 109.26 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपए में करीब 3,53,243 रुपए प्रति किलोग्राम) (Silver Rate Today) पर ट्रेड करने लगी। डॉलर इंडेक्स में मई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे गोल्ड और सिल्वर जैसे प्रेशस मेटल्स विदेशी खरीदारों के लिए और सस्ते हो गए।
Comex के मुताबिक, सुबह 8:12 बजे गोल्ड की कीमत 1% बढ़कर 5035.25 डॉलर प्रति औंस (Gold Rate Today) पर पहुंच गई, जबकि चांदी 2.2% की तेजी के साथ 105.50 डॉलर प्रति औंस (Silver Price Today) पर कारोबार करती दिखी। दूसरी ओर, प्लैटिनम में हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन इससे पहले यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुका था। पैलेडियम के भाव भी ऊपर की ओर बने रहे।
गोल्ड क्यों सेफ हेवन बनकर उभरा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब बाजार में डर और अनिश्चितता बढ़ती है, तब गोल्ड सबसे बड़ा सेफ हेवन बनकर उभरता है। इस समय ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी और करेंसी-बॉन्ड मार्केट में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर अमेरिकी ट्रेजरीज और दूसरे डॉलर-आधारित एसेट्स में कमजोरी दिख रही है।
फीकी नहीं पड़ेगी सोने-चांदी की चमक!
अनिश्चितता सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान में भी हालात डगमगाए हैं, जहां पिछले हफ्ते लॉन्ग और अल्ट्रा-लॉन्ग बॉन्ड्स में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही अमेरिकी फेड के अगले प्रमुख की नियुक्ति और मौजूदा फेड चीफ जेरोम पॉवेल को हटाने को लेकर चल रही चर्चाओं ने भी निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। फिलहाल इन तमाम वजहों से सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ती नहीं दिख रही।



