अयोध्या: जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा राम मंदिर का गेट नंबर तीन

राम मंदिर के गेट नंबर तीन को जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। इस द्वार का नए सिरे से निर्माण अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। इस कारण द्वार को तीन माह के लिए बंद रखा जाएगा। इस दौरान इस द्वार से राम मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को अब गेट नंबर 11 जगद्गुरु शंकराचार्य द्वार से वीआईपी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव व एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे, कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियरों सहित अन्य अधिकारियों ने निर्माण कार्य की योजना को अंतिम रूप दिया।
तय हुआ है कि तीन से चार महीने के लिए गेट नंबर तीन को बंद कर दिया जाए, ताकि निर्माण कार्य सुचारु रूप से चलता रहे। गेट का निर्माण वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से किया जाएगा। इस पर टाइटेनियम से बने दरवाजे लगाए जाएंगे। द्वार की डिजाइन लगभग फाइनल कर ली गई है। द्वार की ऊंचाई करीब 11 मीटर होगी।
अब पहले की तरह शंकराचार्य द्वार से वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश देने की योजना है। अब तक निर्माण के चलते इस द्वार को बंद रखा गया था। निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि राम मंदिर में चार द्वार बनने हैं, जिनमें से तीन द्वार का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर के उत्तरी द्वार को भी खोल दिया गया है। इस द्वार से सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों, निर्माण में लगे इंजीनियरों व श्रमिकों को प्रवेश दिया जाता है।



