जनगणना में जनता से अनुचित सवाल तो होगी कार्रवाई

जनगणना के वक्त हर नागरिक के लिए जरूरी है कि वह जनगणना अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों का सही से जवाब दे। जो जानबूझ कर गलत जवाब देगा या उत्तर देने से इन्कार करेगा तो उस पर विधिक कार्रवाई होगी। जनगणना के लिए घरों के बाहर लगाए गए चिन्हों या अंको को हटाने, नुकसान पहुंचाने या मिटाने वाले भी विधिक कार्रवाई की जद में होंगे। अगर जनगणना स्टाफ भी कुछ गड़बड़ करता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। वे जानबूझ कर अनुचित प्रश्न नहीं कर सकते। ऐसा करने या गलत ब्यौरा तैयार करने वाले जनगणना स्टाफ पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने हाल में इस संबंध में जनगणना अधिनियम 1948 व जनगणना नियम (संशोधित) की अधिसूचना जारी की है। इस साल से जनगणना का पहला चरण आरंभ होना है। इसकी तैयारियां पूरे देश में चल रही हैं। जनगणना संबंधी नियमों से जनगणना स्टाफ को अवगत कराया जाएगा और उन्हें पहले चरण के लिए प्रश्नावली दी जाएगी। इसकी अधिसूचना भी जल्द जारी होगी।

महिला सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता
जनगणना संबंधी सवालों का जवाब हर नागरिक को देना होगा। परन्तु किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार की स्त्री सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। कोई भी स्त्री अपने पति या मृत पति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होगी। इसके अलावा किसी गृह, अहाते अन्य स्थान का उपयोग करने वाला जनगणना अधिकारियों को जनगणना के लिए उसमें प्रवेश करने देने व वहां अक्षरों, चिन्हों को लगाने की अनुमति देने के लिए बाध्य होगा।

किसी को जनगणना अभिलेखों के निरीक्षण का अधिकार नहींं
कोई नागरिक जनगणना के अभिलेखों का निरीक्षण नहीं कर सकता। किसी भी व्यक्ति को, जनगणना अधिकारी द्वारा तैयार रजिस्टर या अभिलेख का निरीक्षण करने का अधिकार नहीं होगा। कोई ऐसा व्यक्ति, जो जनगणना कार्यालय में जबरन प्रवेश करेगा तो वह दंड का भागीदार होगा। इसके अलावा अगर जनगणना स्टाफ ने किसी जनगणना दस्तावेज को छिपाने, उसको नुकसान पहुंचाने या उसे नष्ट करने का काम किया तो वे भी विधिक कार्रवाई का सामना करेंगे। वे ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे जनगणना परिणामों में गड़बड़ी की संभावना हो जाए।

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