तनूर नौका दुर्घटना पर केरल उच्च न्यायालय ने स्वतसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका शुरू कर दी..

तनूर नौका दुर्घटना पर केरल उच्च न्यायालय ने स्वतसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका शुरू कर दी है। बता दें कि 8 मई को केरल के मलप्पुरम जिले के तनूर के पास नौका पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई थी।

तनूर नौका दुर्घटना पर केरल उच्च न्यायालय ने स्वत:संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका शुरू कर दी है। केरल हाई कोर्ट ने तनूर नाव दुर्घटना के बारे में राज्य सरकार से सवाल किया है कि हादसे के समय अधिकारी कहां थे? वे क्या कर रहे थे? बता दें कि 8 मई को केरल के मलप्पुरम जिले के तनूर के पास नौका पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई थी।
विशेष जांच दल का हुआ गठन
केरल पुलिस ने मलप्पुरम जिले के तनूर इलाके में हुई दर्दनाक नाव दुर्घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य के पुलिस प्रमुख अनिल कांत ने मलप्पुरम जिला पुलिस प्रमुख सुजीत दास एस को टीम की कमान सौंपने का आदेश जारी किया है। तनूर डीवाईएसपी वी वी बेनी, तनूर स्टेशन हाउस अधिकारी जीवन जॉर्ज और कोंडोट्टी एएसपी विजय भरत रेड्डी विशेष जांच दल के अन्य सदस्य हैं। जांच उत्तरी क्षेत्र के आईजी नीरज कुमार गुप्ता की सीधी निगरानी में होगी।
नाव पर सवार थे 37 लोग
बयान में कहा गया है कि डीजीपी ने जांच पूरी करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 8 मई को त्रासदी की न्यायिक जांच की घोषणा करते हुए यह भी कहा कि केरल पुलिस की एक विशेष जांच टीम भी मामले की जांच करेगी। जिला अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में से 15 आठ महीने से 17 साल की उम्र के नाबालिग थे और दुर्घटनाग्रस्त नाव पर 37 लोग सवार थे।
PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाव पलटने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों के 2-2 लाख रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मुहैया कराई जाएगी।
पीएम मोदी के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाव पलटने की घटना में जानमाल के नुकसान से गहरा दुख हुआ है और वह शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।