नाइजीरिया में राष्ट्रपति टीनुबू की सरकार के खिलाफ साजिश का पर्दाफाश

नाइजीरियाई सेना ने माना है कि कुछ अधिकारियों ने राष्ट्रपति बोला टीनुबू की सरकार गिराने की साजिश रची थी। जांच पूरी होने के बाद अब इन अधिकारियों पर सैन्य अदालत में मुकदमा चलेगा। मामले में अक्टूबर के महीने में 16 अधिकारियों को पकड़ा गया था।
नाइजीरिया के रक्षा मुख्यालय ने सोमवार को एक बड़ी जानकारी दी। एक जांच रिपोर्ट के आधार पर सेना ने बताया कि सैन्य अधिकारियों के एक समूह पर तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप है। अब इन अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जाएगा।
16 अधिकारियों की हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले में अक्टूबर महीने में कम से कम 16 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय सेना ने इसे अनुशासनहीनता और नियमों का उल्लंघन बताया था। इन गिरफ्तारियों और तख्तापलट की अफवाहों से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया था। यह क्षेत्र पहले भी कई बार तख्तापलट का सामना कर चुका है।
राष्ट्रपति के खिलाफ थी साजिश
नाइजीरियाई सेना के प्रवक्ता समाइला उबा ने सोमवार को बताया कि अधिकारियों के आचरण की जांच पूरी हो गई है। जांच में खुलासा हुआ कि राष्ट्रपति बोला टीनुबू की सरकार के खिलाफ तख्तापलट की साजिश रची गई थी।
उबा ने कहा, “जांच में कई अधिकारियों की पहचान हुई है। उन पर सरकार गिराने की योजना बनाने का आरोप है। यह काम सेना के मूल्यों और पेशेवर मानकों के बिल्कुल खिलाफ है।” प्रवक्ता ने बताया कि दोषी अधिकारियों को सैन्य अदालत (पैनल) के सामने पेश किया जाएगा। वहां उन पर सेना के नियमों के तहत मुकदमा चलेगा।
नामों का खुलासा नहीं
अभी यह साफ नहीं है कि गिरफ्तार किए गए 16 अधिकारियों में से कितनों पर मुकदमा चलेगा। अधिकारियों ने उनके नाम भी नहीं बताए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि सेना में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
अफ्रीका में तख्तापलट की घटनाएं बढ़ी
यह खबर ऐसे समय आई है जब पश्चिम और मध्य अफ्रीका में तख्तापलट की घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले साल के अंत में बेनिन और गिनी-बिसाऊ में भी ऐसी घटनाएं हुई थीं। जानकारों के मुताबिक, विवादित चुनाव, सुरक्षा संकट और युवाओं में नाराजगी के कारण सेना सत्ता हथियाने की कोशिश करती है। नाइजीरिया में 1966 से 1993 के बीच कई बार तख्तापलट हो चुका है। अभी वहां सरकार के कड़े आर्थिक फैसलों के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं, जिससे चिंता का माहौल है।



