पंजाब: 800 कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे छह वर्किंग वुमन हाॅस्टल

पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को तीन बिल पेश किए गए। इन तीन बिलों में द इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2025, द ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर (पंजाब संशोधन) बिल 2025 और द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉक्टिस एंड रिटेलर्स बिल 2025 को बहुमत से पारित कर दिया गया।
पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के दौरान तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनका उद्देश्य राज्य में व्यापार को बढ़ावा देना, अवैध खनन पर अंकुश लगाना और जेल प्रशासन को सुव्यवस्थित करना है।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक कुलवंत सिंह ने मोहाली में वर्किंग वुमन हॉस्टल की योजना पर सवाल किया। इस पर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सदन में जानकारी दी कि पंजाब में कुल 6 नए वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें मोहाली में तीन, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में 1-1 हॉस्टल बनाए जाएंगे।
विधानसभा ने द इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2025 पारित किया। माल एवं पुनर्वास मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने बताया कि इससे राज्य में व्यापार के अनुकूल माहौल को बढ़ावा मिलेगा। इस विधेयक के तहत, यदि कोई व्यक्ति पहले ही ऋण पर स्टांप ड्यूटी का भुगतान कर चुका है और बाद में गिरवी रखी गई संपत्ति को बिना मोर्टगेज किए किसी अन्य बैंक या वित्तीय संस्था में स्थानांतरित करता है, तो कोई अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी नहीं ली जाएगी।
द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स बिल 2025 के तहत, सभी क्रशर यूनिट्स, स्टॉकिस्ट और रिटेलर्स का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह विधेयक अवैध खनन और पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए सख्त दंड और ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था करता है। यह विधेयक पर्यावरण प्रबंधन को लेकर एक विशेष फंड की स्थापना करेगा, जो क्रशर और खनन गतिविधियों से उत्पन्न होने वाली पारिस्थितिकी समस्याओं को देखेगा। नए विधेयक में उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान हैं, जिनमें भारी जुर्माने, लाइसेंस निलंबन, यूनिट सील करना और संभावित आपराधिक कार्यवाही शामिल है।
द ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर (पंजाब संशोधन) बिल 2025 पंजाब सरकार को राज्य की जेलों में बंद कैदियों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित करने की अनुमति देता है। यह कदम पंजाब की सीमावर्ती स्थिति और जेलों में बंद खतरनाक अपराधियों से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा खतरों को देखते हुए उठाया गया है। पंजाब की विभिन्न जेलों में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल अपराधी, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जुड़े आतंकी, ए श्रेणी के गैंगस्टर, तस्कर और खतरनाक अपराधी बंद हैं, जो जेल के अंदर से ही अपने आपराधिक नेटवर्क संचालित करने की कोशिश करते हैं। कैदियों के ट्रांसफर एक्ट, 1950 में यह संशोधन करना आवश्यक था, ताकि मुकदमे का सामना कर रहे कैदियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा सके।
अन्य मुख्य बिंदु
नए नियमों के तहत, खनन की सभी इकाइयों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
प्रत्येक पंजीकृत इकाई को मासिक रिटर्न दाखिल करना होगा।
गलत सूचना या अनुपालन में विफल रहने पर सख्त दंड लगाए जाएंगे।
यह अधिनियम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डिजिटल निगरानी की सुविधा प्रदान करेगा।
पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक विशेष कोष स्थापित किया जाएगा।
उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे।
पंजाब की जेलों में बंद राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल अपराधियों, आतंकवादियों और गैंगस्टरों को दूसरे राज्यों में भेजा जा सकेगा।
यह विधेयक पंजाब में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पारित किए गए है।