भगवान विष्णु को मन से करेंगे याद तो कभी तिजोरी नहीं रहेगी खाली

संसार के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा जिस पर हो जाए, उसके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। अक्सर हम धन के पीछे भागते हैं, लेकिन शास्त्रों में कहा गया है कि जहां ‘नारायण’ होते हैं, लक्ष्मी वहां अपने आप ही खिंची चली आती हैं। अगर आपकी तिजोरी खाली रहती है या बरकत नहीं हो रही, तो इसका अर्थ है कि आपके जीवन में विष्णु तत्व की कमी है।
मन की शुद्धि और विष्णु कृपा
भगवान विष्णु भाव के भूखे हैं। उपासना की शुरुआत बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि आंतरिक स्वच्छता से होती है। जब आप शांत मन से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करते हैं, तो आपके चारों ओर एक सकारात्मक सुरक्षा कवच बन जाता है।। मान्यता है कि जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से प्रभु का स्मरण करता है, उसके घर के भंडार कभी खाली नहीं होते।
गुरुवार का विशेष महत्व
हफ्ते में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना और पीले खाद्य पदार्थों (जैसे चने की दाल या बेसन के लड्डू) का भोग लगाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। विष्णु जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग है- तुलसी दल। भगवान विष्णु बिना तुलसी के भोग स्वीकार नहीं करते। यदि आप प्रतिदिन एक तुलसी का पत्ता उन्हें अर्पित करते हैं, तो आर्थिक तंगी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है।
दक्षिणावर्ती शंख का चमत्कार
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, भगवान विष्णु को शंख अत्यंत प्रिय है। अपने पूजा स्थान पर ‘दक्षिणावर्ती शंख’ रखना और उसकी नियमित पूजा करना साक्षात लक्ष्मी को आमंत्रित करने जैसा है। विष्णु जी की आरती के बाद शंख बजाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और धन के नए स्रोत खुलते हैं।
सत्यनारायण कथा और दान
महीने में एक बार, विशेषकर पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना आपके संचित पापों का नाश करता है। साथ ही, अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को पीले फल या अनाज का दान करना आपकी तिजोरी में बरकत लाता है। याद रखें, संचित धन तभी बढ़ता है जब उसमें से कुछ अंश परोपकार में लगे।



