5 मिनट की एक्स्ट्रा नींद और दो मिनट तेज चलने से घट सकता है मौत का खतरा

शारीरिक गतिविधियों में छोटे सुधार जैसे कि तेज चलने के लिए दो से पांच मिनट या उससे अधिक और नींद तथा आहार में बदलाव का जीवनकाल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। इससे जनसंख्या में मृत्यु दर को कम कर सकता है, जिससे स्वस्थ व्यवहार में बदलाव के लिए व्यावहारिक प्रारंभिक बिंदु मिलता है । अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

नए अध्ययन के अनुसार, जो द लैंसेट के ईक्लिनिकलमेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ है, नींद में पांच मिनट की वृद्धि, तेज चलने में दो मिनट और प्रतिदिन सब्जियों का अतिरिक्त सेवन उन लोगों के लिए एक वर्ष का जीवन जोड़ सकता है जिनकी नींद, शारीरिक गतिविधि और आहार की आदतें सबसे खराब हैं। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि जब नींद, शारीरिक गतिविधि और आहार में छोटे सुधारों को मिलाया जाता है, तो यह जीवनकाल में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। इससे व्यवहार में बदलाव के लिए एक स्थायी और अधिक व्यावहारिक प्रारंभिक बिंदु मिलता है।

यह अध्ययन यूके, आस्ट्रेलिया, ब्राजील और चिली के एक अंतरराष्ट्रीय शोध दल द्वारा किया गया था। अध्ययन ने सबसे खराब व्यवहारों के संयोजन को परिभाषित किया है, जिसमें प्रतिदिन पांच घंटे और 30 मिनट की नींद, 10 मिनट से कम की शारीरिक गतिविधि और आहार गुणवत्ता में खराब स्कोर शामिल है। सबसे अनुकूल संयोजन प्रतिदिन सात से आठ घंटे की नींद, कम से कम 40 मिनट की मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि और एक स्वस्थ आहार को जीवनकाल में नौ से अधिक वर्षों की वृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य में बिताए गए वर्षों से जोड़ा गया है। 

थोड़े सुधार से बड़ा लाभ 

टीम ने यह भी बताया कि नींद, शारीरिक गतिविधि और आहार का संयुक्त संबंध व्यक्तिगत व्यवहारों के योग से बड़ा है। उदाहरण के लिए, केवल नींद के माध्यम से एक वर्ष का जीवनकाल प्राप्त करने के लिए सबसे खराब जीवनशैली वाले लोगों को प्रतिदिन पांच मिनट की अतिरिक्त मात्रा की आवश्यकता होगी। यानी 25 मिनट ज्यादा सोने की जरूरत होगी बजाय इसके कि वे थोड़ी-बहुत शारीरिक गतिविधि और आहार में भी सुधार करें।

शोध लेखकों ने लिखा कि नींद में प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट, 1.9 मिनट प्रति दिन एमवीपीए ( मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि ) और आहार गुणवत्ता स्कोर में पांच अंकों की वृद्धि (जैसे प्रतिदिन अतिरिक्त सब्जियों या प्रतिदिन अतिरिक्त 1.5 सेवा वाले साबुत (अनाज) के संयोजन से एक अतिरिक्त वर्ष का जीवनकाल जुड़ा हुआ था ।

60 हजार लोगों पर किया अध्ययन 

यूके बायोबैंक के लगभग 60,000 प्रतिभागियों को 2006 से 2010 के बीच भर्ती किया गया था और लगभग आठ वर्षों तक उनका फालोअप किया गया। एक उप-समूह ने 2013 से 2015 के बीच सात दिनों के लिए एक कलाई पर पहनने योग्य उपकरण पहना, जिसने शारीरिक गतिविधि को मापा ।

शारीरिक गतिविधि में मौत के खतरे में कमी 

द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि पांच किलोमीटर को हर घंटे की गति से चलने जैसी हल्की शारीरिक गतिविधि में पांच मिनट ज्यादा बिताने से ज्यादातर वयस्कों में मौत का खतरा 10 प्रतिशत कम हो सकता है और जो लोग कम सक्रिय रहते हैं, उनमें यह खतरा छह प्रतिशत कम हो सकता है। अगर ज्यादातर वयस्क लोग जो रोजाना औसतन 10 घंटे बैठे रहते हैं, हर दिन बैठने का समय 30 मिनट कम कर दें, तो सभी तरह की मौतों में सात प्रतिशत की कमी आ सकती है। अगर एक घंटा कम किया जाए, तो सभी तरह की मौतों में 13 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

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