Silver Price Crash: चांदी की कीमतें धड़ाम… 7 दिन में ₹1.90 लाख सस्ती

सात दिन और आधी हो गई कीमत… जी हां। पिछले 7 दिन में चांदी की कीमतें हाई लेवल लेवल से आधी (Silver Price Crash) हो गई हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के मुताबिक, 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपए का ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ था।

लेकिन उसके अगले ही दिन चांदी की कीमतों में भयानक गिरावट आई और लगातार तीन दिन तक कमी देखी गई। हालांकि, कारोबारी सत्र के दो दिनों में चांदी में तेजी आई, लेकिन 5 फरवरी से चांदी में फिर गिरावट आने लगी, जो 6 फरवरी यानी आज भी जारी है।

MCX पर शुक्रवार, 6 फरवरी को दोपहर 2 बजे तक चांदी 7 दिन के कारोबारी सत्र के लो लेवल पर पहुंच गई और कीमत 2,29,187 रुपए (silver price today) के लो लेवल पहुंच गई। यानी हाई लेवल से चांदी 1,90,000 रुपए तक सस्ती हो गई।

हालांकि खबर लिखे जाने तक चांदी 3 फीसदी यानी 7315 रुपए की गिरावट के साथ 2,36,500 रुपए (silver rate today) पर ट्रेड कर रही थी। इस दौरान चांदी का दिन का हाई लेवल 2,43,277 रुपए रहा। जबकि पिछले कारोबारी सत्र के दौरान चांदी

IBJA रेट्स पर क्या हैं चांदी के ताजा रेट्स?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए (IBJA) पर आज दोपहर 12 बजे के रेट के मुताबिक, चांदी 2,41,184 रुपए (silver rate ibja) प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले दिन इसकी कीमत 2,52,232 रुपए थी। यानी इसमें 11,048 रुपए की भारी गिरावट आई।

और अगर हम 29 जनवरी के IBJA के रेट की बात करें, जब चांदी ने 3,79,988 रुपए का ऑल-टाइम (silver all time high) हाई छुआ था, तो आज के रेट के हिसाब से लगभग 1,38,800 रुपए तक गिरावट आ चुकी है।

25 फरवरी तक और गिर सकती है चांदी?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि अभी चांदी की गिरावट खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण चीन में लूनर न्यू ईयर सेलिब्रेशन है, जो 17 फरवरी से शुरू होकर लगभग 25 फरवरी तक चलेगा।

लूनर न्यू ईयर के दौरान चीन में बाजार और फैक्ट्रीज बंद रहते हैं, जिससे कमोडिटी की डिमांड काफी गिर जाती है। चांदी की मांग घटने से कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है, और वे अंदाजा लगा रहे हैं कि चांदी 2 लाख रुपए के नीचे भी उतर सकती है।

चांदी पहले से कहीं सस्ती हो चुकी है, और इससे जुड़े निवेशक, ज्वैलर्स और होलसेल मार्केट में बैठे लोग बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। अगर गिरावट जारी रहती है, तो यह ट्रेडिंग और ज्वेलरी खरीदारी दोनों को प्रभावित कर सकती है।

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