क्या है एलियन को लेकर अमेरिका का प्लान और एरिया 51 का रहस्य?

दुनिया में अक्सर एलियन की चर्चा होती है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दावा किया था कि एलियन का अस्तित्व है। इसके बाद से एलियन को लेकर बहस तेज हो गई है। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएफओ और एलियंस से जुड़े सरकारी दस्तावेजों की पहचान व जारी करने का आदेश दिया है। आइए जानते हैं कि एलियन को लेकर अमेरिका का प्लान और एरिया 51 का रहस्य क्या है?
बीते सप्ताह बराक ओबामा से एक पॉडकास्ट में एलियन के बारे में सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे वास्तविक हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है। उन्हें किसी गुप्त स्थान पर नहीं रखा गया है और कोई ऐसी अंडरग्राउंड फैसिलिटी नहीं है। ओबामा के एलियंस के अस्तित्व को स्वीकार करने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। इसके बाद ओबामा को अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि मैं स्पीड राउंड की भावना का पालन करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मुझे स्पष्ट करने दीजिए। ब्रह्मांड इतना विशाल है कि वहां जीवन होने की संभावना काफी अधिक है।
क्या सच में हैं एलियंस?
क्या अमेरिकी सरकार ने नेवादा में स्थित अपने गुप्त एयर बेस एरिया 51 (Area 51) में एलियंस को छिपाकर रखे हैं और उन पर शोध किया जाता है? क्या धरती के अलावा भी जीवन है? क्या अमेरिका की सरकार को यह जानकारी है? क्या सच में यूएफओ होते हैं? यह कुछ ऐसे सवाल हैं, जो पूरी दुनिया में बहस का विषय हैं। अमेरिका पर आरोप लगता है कि उसने एरिया 51 में एलियन को छिपाकर रखा हुआ है और वहां उन शोध किया जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हीं सवालों का जवाब दुनिया के सामने लाने की तैयारी कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच एजेंसियों को यूएफओ और एलियंस से जुड़े सरकारी दस्तावेजों की पहचान करने और उन्हें जारी करने का आदेश दिए हैं। यह मांग कई अमेरिकी नागरिक दशकों से कर रहे थे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा कि लोगों की रुचि को देखते हुए वह अमेरिका के रक्षा मंत्री और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसियों को निर्देश दे रहे हैं कि एलियन और पृथ्वी से बाहर के जीवन, अज्ञात हवाई घटनाओं (UAP) और यूएफओ से जुड़े सरकारी दस्तावेजों को पहचान कर जारी किया जाए।
हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि गोपनीय दस्तावेज आम लोगों के लिए जारी किए जाएंगे या नहीं। लेकिन उन्होंने कहा कि इन फाइलों में इन जटिल लेकिन बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ी हर तरह की जानकारी होनी चाहिए।
ट्रंप ने ओबामा पर लगाया गोपनीय जानकारी उजागर करने का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में एक वायरल पॉडकास्ट में पृथ्वी से बाहर जीवन के अस्तित्व को लेकर गोपनीय जानकारी उजागर की है। दरअसल, ओबामा ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि एलियंस असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और उन्हें एरिया 51 में नहीं रखा गया है। ओबामा ने यह भी कहा था कि एरिया 51 में कोई अंडरग्राउंड फैसिलिटी नहीं है। अगर कोई बहुत बड़ी साजिश हो और उसे अमेरिका के राष्ट्रपति से भी छिपा कर रखा गया हो, तो बात अलग है।
क्या है एरिया 51 का रहस्य?
एरिया 51 को लेकर कई तरह थ्योरी की चर्चा होती है। यह जगह अमेरिका के नेवादा में स्थित है। इसे दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगह माना जाता है। कई लोगों ने दावा किया है कि अमेरिका ने यहां पर एलियंस को बंधक बनाकर रखा हुआ है और उन पर शोध करता है। यह दावा करने वाले लोगों में कई अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हैं। एरिया-51 का नाम दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में शुमार किया जाता है। एरिया-51 विषय पर कई लोकप्रिय डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बन चुकी हैं।
एरिया 51 बेहद ही सीक्रेट अमेरिका का एयर फोर्स बेस है, जो लंबे समय से अटकलों और साजिश की थ्योरी को जन्म देता रहा है। इससे लोग आशंका जताते हैं कि अमेरिकी सरकार एलियन टेक्नोलॉजी या बचे हुए हिस्सों को छिपा रही है।
एरिया-51 संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य अड्डे का उपनाम है। यह क्षेत्र काफी वीरान और रहस्यमयी है। इस गुप्त स्थान पर अमेरिकी सेना के लोग ही दिखाई देते हैं। माना जाता है कि इस सीक्रेट बेस पर अमेरिकी सरकार अपने कई गोपनीय मिशन को अंजाम देती है। विशेषज्ञों का कहाना है कि इस जगह पर अमेरिकी सरकार के ऐसे कई राज दफन हैं, अगर उनसे पर्दा उठ जाए तो दुनिया में तहलका मच सकता है।
आधिकारिक तौर पर एरिया-51 को मिलिट्री टेस्टिंग साइट और एयर फोर्स फैसिलिटी सेंटर के रूप में जाना जाता है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यहां पर वैज्ञानिक गुप्त रूप से दूसरे ग्रहों से आए एलियंस पर शोध करते हैं। इस जगह के आस-पास अगर कोई बाहरी शख्स दिखे, तो उसे गोली मारने का भी आदेश है।
एरिया-51 के बारे में लोगों को तब पता चला, जब 1967 में सीआईए (CIA) के निदेशक द्वारा गलती से एक मेमो लीक हो गया था। इस मेमो में एरिया-51 का जिक्र था। अमेरिका ने इस जगह को गुप्त रखा था और इसके बारे में अमेरिका के लोग भी नहीं जानते थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार एरिया-51 के बारे में सार्वजनिक रूप से बताया।
एरिया-51 के बारे में लोगों को तब पता चला, जब 1967 में सीआईए (CIA) के निदेशक द्वारा गलती से एक मेमो लीक हो गया था। इस मेमो में एरिया-51 का जिक्र था। अमेरिका ने इस जगह को गुप्त रखा था और इसके बारे में अमेरिका के लोग भी नहीं जानते थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार एरिया-51 के बारे में सार्वजनिक रूप से बताया।



