पेट साफ होने में लगते हैं घंटों? सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये योगासन

आज के समय में अनहेल्दी लाईफ स्टाइल,अनहेल्दी फूड्स और स्ट्रेस के कारण कब्ज एक आम समस्या बन गई है। कब्ज सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे शरीर में आलस्य, सिरदर्द, स्किन प्रॉब्लम और मेंटल स्ट्रेस भी पैदा हो सकता है।

आयुर्वेद और योगशास्त्र में कब्ज से राहत के लिए कुछ खास योगासनों के बारे में बताया गया है, जो न केवल पेट साफ करने में मदद करते हैं बल्कि डाइजेस्टिव सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं। नीचे बताए गए कुछ योगासनो को नियमित रूप से करने से कब्ज से छुटकारा मिल सकता है। तो आईए जानते हैं इनके बारे में-

सेतुबंधासन
इस आसन को ब्रिज पोज भी कहते हैं। जिसमें शरीर सेतु (पुल) के आकार में होता है। यह पेट की मांसपेशियों को एक्टिव और मजबूत बनाता है और पाचन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। इससे पाचन सुधरता है और कब्ज व गैस की समस्या से राहत मिलती है।

मालासन
मालासन,जिसे माला मुद्रा और स्क्वाट पोज भी कहा जाता है, एक ऐसा योगासन है जो पेल्विक फ्लोर और पेट की मांसपेशियों को सक्रिय बनाता है. इस आसन को करने से पेल्विक क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और आंतों को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। ऐसे में डेली इसका अभ्यास मल निष्कासन को आसान बनाता है।

पश्चिमोत्तानासन
इसे बैठा हुआ आगे की ओर झुकना भी कहा जाता है। इस आसन में आगे की ओर झुकने से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जो आंतों की सक्रियता को बढ़ाता है। इससे पाचन क्रिया में सुधार आता है और कब्ज में राहत मिलती है।

मार्जरीआसन और बिटिलासन
ये दोनों आसन रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबल बनाने के साथ-साथ पेट की मालिश करते हैं। इससे पाचन तंत्र को आराम मिलता है, जिससे आंतों की क्रियाशीलता बढ़ती है और जो कब्ज से राहत में सहायक होता है।

पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन,जो गैस और कब्ज से इंस्टेंट राहत दिलाता है। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और आंतों की गति को उत्तेजित करता है। ये आसन शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है जिससे कब्ज में राहत मिलती है।

अर्धमत्स्येन्द्रासन
इस आसन से शरीर में खिंचाव और मोड़ पैदा होता है, जिससे पेट के अंदरूनी अंगों की मालिश होती है। इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है और पेट साफ करने में सहायता मिलती है।

भुजंगासन
इस आसन से पेट की नसें उत्तेजित होती हैं और पाचन अंगों में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इसके साथ ही ये आसन पाचन रस के स्राव को बढ़ाता है और इससे कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

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