बांग्लादेशी क्रिकेटर्स करेंगे T20 World Cup 2026 का बॉयकॉट

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बुधवार को अपने निदेशक नजमुल इस्लाम की उन टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया, जिनमें उन्होंने राष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए थे। इन बयानों के बाद पूर्व खिलाड़ियों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब नजमुल ने कहा कि कुछ राष्ट्रीय खिलाड़ी उन संसाधनों और समर्थन को सही ठहराने में नाकाम रहे हैं, जो उन पर खर्च किए गए हैं। इन टिप्पणियों को देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक माना गया।

उनके बयान इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गए और देश के कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने नाराजगी जताते हुए बोर्ड अधिकारियों से अधिक जवाबदेही और संवेदनशीलता की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद बीसीबी ने एक बयान जारी कर उन टिप्पणियों पर खेद जताया, जिन्हें अनुचित या आहत करने वाला समझा गया हो।

BCB ने निदेशक के बयानों से किया किनारा
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ये बयान उसके मूल्यों या आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते। बीसीबी ने कहा कि बोर्ड किसी भी बयान का समर्थन या जिम्मेदारी तभी लेता है, जब वह औपचारिक रूप से बोर्ड के अधिकृत प्रवक्ता या मीडिया एवं संचार विभाग के माध्यम से जारी किया गया हो।

बोर्ड ने कहा कि अधिकृत माध्यमों के बाहर दिए गए बयान व्यक्तिगत माने जाएंगे। यह भी पता चला है कि अगर बीसीबी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाकर खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा नहीं करता तो गुरुवार को होने वाले बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) मैच के बहिष्कार की धमकी खिलाड़ियों की ओर से दी गई थी।

क्या BCB डायरेक्टर की कुर्सी खतरे में…?
बोर्ड ने यह चेतावनी भी दी कि किसी भी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसका आचरण या बयान खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक हो या बांग्लादेश क्रिकेट की छवि और अखंडता को नुकसान पहुंचाए।

बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने धमकी दी है कि अगर बीसीबी के डायरेक्टर और फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन नजमुल इस्लाम तुरंत इस्तीफा नहीं देते तो, वो सभी क्रिकेट फॉर्मेट का बहिष्कार करेंगे, इसमें बीपीएल से लेकर घरेलू टूर्नामेंट तक शामिल हैं।

क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशनऑफ बांग्लादेश (CWAB) की ओर से आपातकालीन ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जहां खिलाड़ियों के सीनियर क्रिकेटर मोहम्मद मिथन ने साफ कहा कि नजमुल के बयान अब सहन सीमा से बाहर हो चुके हैं।

ये मामला तब ज्यादा बिगड़ा था जब इस्लाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश आईसीसीमेंस टी20 विश्व कप 2026 नहीं खेलता तो इससे बोर्ड को नहीं, बल्कि सिर्फ खिलाड़ियों को वित्तीय नुकसान होगा और बोर्ड उन्हें होने वाले हर नुकसान की कोई भरपाई नहीं करेगा। अब CWAB ने इसे सिर्फ अपमानजनक और खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ने वाला बयान बताया।

तमीम इकबाल को बताया इंडियन एजेंट
इंडियन प्रीमियर लीग के लिए केकेआर टीम से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने के कारण इकबाल ने जब दोनों देश के बीच क्रिकेट संबंधों में मौजूद तनाव को सुलझाने के लिए बातचीत का आह्वान किया था, तब नजमुल ने भारतीय एजेंट कहकर उनका मजाक उड़ाया था।

मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने से शुरू हुआ विवाद
आईपीएल 2026 ऑक्शन में केकेआर ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तिफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के चलते भारत में रहमान का विरोध होने लगा। बीसीसीआई ने बाद में केकेआर को निर्देश दिया कि वह उन्हें टीम से रिलीज करें और 3 जनवरी 2026 को केकेआर ने उन्हें रिलीज कर दिया। बता दें कि बांग्लोदेश में अब तक 8 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है।

भारत से बाहर T20 WC मैच शिफ्ट कराने मांग खारिज
रहमान के रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार किया। बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आईसीसी से उनके टी20 विश्व कप के मैचों को भारत से बाहर कराने की मांग की । हालांकि, आईसीसी ने बीसीबी की वेन्यू बदलने की मांग को खारिज कर दिया। यह मामला मुस्तफिजुर को केकेआर द्वारा रिलीज किए जाने के बाद उठा। बीसीसीआई ने यह कदम बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में उठाया है।

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