कांग्रेस ने मुस्लिमों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया: सीएम बोले- तुष्टिकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ का विरोध

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए मुस्लिम लीग से समझौता करती रही है, जबकि भाजपा सबको साथ लेकर विकास कर रही है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर मुस्लिमों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसी राजनीति के कारण कांग्रेस ने आजादी से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने सोमवार को निवाड़ी जिले की धार्मिक नगरी ओरछा में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी उसी नीति पर चल रही है।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों के बीच जाकर केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियों को बताएं। मोहन यादव ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि प्रदेशभर में कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ माहौल तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ कांग्रेस की नीतियों के बारे में भी लोगों को जागरूक करना चाहिए।
उद्योग, किसान और महिला कल्याण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जबकि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तौर पर मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं, उद्योगों और किसानों के विकास को नई गति देना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को माता-बहनों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए समर्पित किया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जब लाड़ली बहना योजना शुरू करने का संकल्प लिया था, तब कांग्रेस ने इसका मजाक उड़ाया था और कहा था कि योजना नहीं चल पाएगी। आज 1 करोड़ 25 लाख बहनों के खातों में लगातार राशि पहुंच रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के खातों में पहुंचा चुकी है।
महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। सरकार महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए भी काम कर रही है। रेडीमेड गारमेंट्स जैसे उद्योगों में बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिलने पर सरकार उद्योगों को प्रति महिला 5 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता 10 साल तक देने जैसे प्रोत्साहन पर आगे बढ़ रही है।



