चंडीगढ़ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा मजबूत: कर्मचारी से अधिकारी तक का बनेगा बस पास

चंडीगढ़ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। चंडीगढ़ देश का पहला शहर बनने जा रहा है, जहां प्रशासन के अंतर्गत कार्यरत हर कर्मचारी से अधिकारी तक के पास बस पास होगा।
प्रशासन अब अपने सभी कर्मचारियों का सीटीयू का बस पास बनाने जा रहा है, ताकि कर्मचारी अलग-अलग अपने निजी वाहनों की जगह बस का प्रयोग कर ऑफिस पहुंचे। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बेहतर इस्तेमाल के साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। प्रशासन आने वाले दिनों में हफ्ते में एक या दो दिन कर्मचारियों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल अनिवार्य कर सकता है।
बता दें प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हाल ही में इस पर बैठक कर प्रशासन के परिवहन विभाग को इसको लेकर योजना बनाने के आदेश दिए हैं। विभाग अब इस योजना का खाका तैयार करेगा, जिसमें बस पास जारी करने की प्रक्रिया, पात्रता, डिजिटल सत्यापन और संचालन व्यवस्था तय की जाएगी।
ट्रैफिक का दबाव कम करने की बड़ी पहल
चंडीगढ़ में प्रतिदिन ट्राईसिटी और आसपास के क्षेत्रों से हजारों कर्मचारी निजी वाहनों से कार्यालय पहुंचते हैं। आंकड़ों की मानें तो अकेले चंडीगढ़ प्रशासन के 10 हजार से अधिक कर्मचारी पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर, डेराबस्सी और आसपास के इलाकों से कार और दोपहिया वाहनों पर शहर आते हैं। इससे सुबह और शाम के समय प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है।
वहीं, पंजाब और हरियाणा सरकार के शहर में स्थित कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों की संख्या जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा आराम से 50 से 60 हजार पार कर जाता है। प्रशासन का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो निजी वाहनों की संख्या घटेगी, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, पार्किंग पर दबाव कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। यह कदम शहर के सतत एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
21 हजार नियमित और हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन करीब 21 हजार नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें ग्रुप-ए, ग्रुप-बी और ग्रुप-सी श्रेणी के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों में लगभग 20 से 25 हजार कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी कार्य कर रहे हैं। प्रशासन की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से अधिकतम कर्मचारियों को इस योजना के दायरे में लाया जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग व्यापक स्तर पर बढ़ाया जा सके।
सामान्य और इलेक्ट्रिक दोनों बसों में मान्य होगा पास
परिवहन विभाग की इस योजना के तहत कर्मचारियों को दिया जाने वाला बस पास सीटीयू की सामान्य बसों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों में भी मान्य होगा। इससे कर्मचारियों को किसी भी निर्धारित रूट पर आसानी से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। योजना का दायरा केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्राईसिटी क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा। इसका लाभ पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर, डेराबस्सी तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। इससे क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर भी जोर
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लो-फ्लोर और इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का तेजी से विस्तार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए ग्रिड आधारित रूट प्लानिंग मॉडल तैयार करने के लिए कहा है। बता दें चंडीगढ़ को 100 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हुई थीं, जिनमें से 80 बसें पहले ही सड़कों पर संचालित हो रही हैं। शेष बसों को भी जल्द परिचालन में लाने की तैयारी है। इसके अलावा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 328 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। मौजूदा सीटीयू के बेड़े में कुल 657 बसें शामिल हैं। इनमें 398 बसें शहर के स्थानीय रूटों पर संचालित हो रही हैं, जबकि 259 बसें लंबी दूरी के रूटों पर चल रही हैं। ये बसें चंडीगढ़ को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों से जोड़ने का काम कर रही हैं।



