चीन और रूस से संभावित खतरों से बचने के लिए जापान कर रहा ये काम

अमेरिकी संसद स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान यात्रा के बाद चीन की हरकतों से जापान सतर्क हो गया है। जापान अपने सेना बल को मजबूत करने के लिए शक्तिशाली मिसाइलों के उत्पादन करना चाहता है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने बजट में फंड की मांग की है।

चीन और रूस से संभावित खतरों को भांपते हुए जापान इसे कम करने की तैयारी में जुट गया है। साथ, जापान चाहता है कि उसके पास ऐसे हथियार हों जो लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हों। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, जापान एक क्रूज मिसाइल और एक उच्च-वेग वाली बैलिस्टिक मिसाइल का विकास और उत्पादन बड़े पैमाने पर करेगा। जापान ने बुधवार को कहा कि यह चीन और रूस से खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से सैन्य विस्तार का हिस्सा है।

रक्षा मंत्रालय के वार्षिक बजट में पेश की गई खरीद योजना जापान के संवैधानिक रूप से विवश आत्मरक्षा बल पर दशकों पुरानी थोपी गई एक सीमित सीमा को खत्म करने का प्रतिनिधित्व करती है। इस सीमित मायने के अनुसार, से जापान केवल कुछ सौ किलोमीटर की दूरी वाली मिसाइलों को ही फील्ड कर सकता है।

रूस के बलबूते चीन दे रहा धमकी: जापान

जापानी रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘चीन रूस के साथ गठजोड़ के बलबूते यथास्थिति को एकतरफा बदलने के लिए बल प्रयोग की धमकी देता रहा है। चीन ने ताइवान को चीन में शामिल करने के लिए सैन्य अभ्यास कर ताइवान पर दबाव बना रहा है।’ अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन द्वारा 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद जापान सतर्क हो गया है। मंत्रालय ने उत्तर कोरिया से जापान को खतरा बताया है।

मिसाइलों के उत्पादन के लिए वित्त पोषण का अनुरोध

जापान के पास मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज की विस्तृत रेंज संस्करण की पहले से ही उपयोग में आने वाली टाइप 12 मिसाइल है। इसके अलावा जहाजों पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों और एक नई, उच्च-वेग वाली ग्लाइड बैलिस्टिक मिसाइलों के व्यापक उत्पादन के लिए बजट में वित्त पोषण का अनुरोध किया गया है।

मंत्रालय हाइपरसोनिक वारहेड सहित अन्य प्रोजेक्टाइल विकसित करने के लिए भी धन की मांग कर रहा है। मंत्रालय ने प्रस्तावित हथियारों की सीमा के बारे में जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया कि उसने कितने क्षेत्र में काम करने की योजना बनाई है, लेकिन जापान के पास के दक्षिण-पश्चिम ओकिनावा द्वीप श्रृंखला के साथ तैनात होने पर वे चीन की मुख्य भूमि में लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम होंगे।

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