बैन के बावजूद Radio पर बजता रहा Lata Mangeshkar का ये सुपरहिट गीत

जो गीत हाल-ए-दिल बयां करते हैं, कई बार वे विवादों से भी घिर जाते हैं। 66 साल पहले एक ऐसा ही गीत बना जिसके बैन करने की मांग उठने लगी। मगर जब बैन किए जाने की बारी आई तो अधिकारियों से इतनी बड़ी गलती हो गई कि देशभर में हलचल मच गई।

अब हुआ यूं कि 66 साल पहले एक फिल्म आई जिसमें ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने दो गानों को आवाज दी। मगर एक गाना विवादों में छा गया। गाने को रेडियो पर बैन किया गया, मगर यह फिर भी बजता रहा। यह गलती सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो गई।

लता मंगेशकर का सुपरहिट गाना
यह किस्सा राज कुमार और मीना कुमारी की फिल्म ‘दिल अपना और प्रीत पराई’ (Dil Apna Aur Preet Parayi) का है।किशोर साहू के निर्देशन में बनी फिल्म ‘दिल अपना और प्रीत पराई’ में ज्यादातर गाने लता मंगेशकर ने ही गाए थे। लगभग सारे गाने ही सुपरहिट हुए थे, लेकिन एक गाना उस वक्त खूब चर्चा में रहा और इसकी वजह बैन में गड़बड़ी थी।

मीना कुमारी के गाने पर हुआ था बवाल
फिल्म का यह गाना ‘शीशा-ए-दिल इतना ना उछालो’ (Sheesha-E-Dil Itna Na Uchhalo) था। यह गाना मीना कुमारी पर फिल्माया गया था। समंदर किनारे सहेलियों के साथ मस्ती करते हुए मीना पर बना ये गीत खूब सफल हुआ था। मगर सफलता से पहले इस पर बवाल भी मचा।

रेडियो पर बैन हो गया था गीत
दरअसल, गाने के बोल रेडियो सेंसर बोर्ड को आपत्तिजनक लगे, जिसके चलते इस गाने को बैन कर दिया गया। उस दौर में जब कोई गाना बैन किया जाता था, तब रेडियो में ‘अस्वीकृत’ का लेबल लगा दिया जाता था। ताकि रेडियो जॉकी उस गाने को न बजा सकें। मगर एक क्लर्क ने उस लेबल को गलती से लता मंगेशकर के कल्ट गाने ‘अजीब दास्तां है ये’ पर लगा दिया।

क्लर्क से हो गई थी गलती
एक तरफ दर्द भरा गीत ‘अजीब दास्तां है ये’ बैन हो गया और जो वास्तव में बैन होने वाला था, वो गाना ‘शीश-ए-दिल’ बजता रहा। बैन के बावजूद रेडियो पर बजने वाला ये गाना सुपरहिट हो गया। बाद में जब बड़े अधिकारियों को इस गलती का पता चला तो उन्होंने इसे सुधारा, लेकिन तब तक थोड़ी देर हो गई थी क्योंकि यह घर-घर में चर्चित गाना बन गया था।

इस गाने की धुनें शंकर जयकिशन ने तैयार किए थे, जबकि बोल हसरत जयपुरी के कलम से लिखे गए थे। इस गीत को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी।

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