मलेशिया में इन दो पार्टी के बीच हैं बड़ा मुकाबला..

मलेशिया में आम चुनाव के लिए 19 नवंबर को मतदान आरंभ हो गए है। विपक्षी नेता अनवर इब्राहिम के नेतृत्व में राजनीतिक सुधारक को इस चुनाव में दुसरी बार जीत मिलने की उम्मीद हैं।
मलेशिया में आम चुनाव के लिए 19 नवंबर को मतदान आरंभ हो गए है। चार साल पहले चुनावी हार मिलने के बाद देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले गठबंधन के लिए ये चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये चुनाव ही इस पार्टी का भविष्य तय करेगी।
विपक्षी नेता अनवर इब्राहिम के नेतृत्व में राजनीतिक सुधारक को इस चुनाव में दुसरी बार जीत मिलने की उम्मीद हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, इस समय चुनाव के परिणाम का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होगा। इस चुनाव में नए गठबंधन बनने की उम्मीद जताई जा रही हैं।
मतदान केंद्र सुबह साढ़े सात बजे खुले
बोर्नियो द्वीप के दो राज्यों में सुबह साढ़े सात बजे मतदान केंद्र खुल चुके है। मलेशियाई प्रायद्वीप में भी मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि सुबह से ही कई शहरों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिली। संघीय संसद की 222 सीट पर तीन राज्यों के सदनों के प्रतिनिधियों के लिए 2.1 करोड़ से अधिक लोग वोट करने वाले हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान का समय बढ़ाकर नौ से 10 घंटे कर दिया गया है। चुनाव के परिणाम दिन में आने की संभावना है।
इन दो पार्टी के बीच हैं बड़ा मुकाबला
आम चुनाव का मुख्य मुकाबला यूनाइटेड मलयेज नेशनल ऑर्गेनाइजेशन (यूएमएनएल) के नेतृत्व वाले गठबंधन और अनवर के नेतृत्व वाले पकतन हरपन (पीएच) यानी एलायंस ऑफ होप पार्टी के बीच है। इन दो पार्टी के अलावा मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासीन के नेतृत्व वाली नेशनल एलायंस पार्टी भी इस चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकती है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अनवर के गठबंधन को बढ़त मिल सकती है, वहीं सीटें बहुमत से कम रह सकती हैं। वहीं माना जा रहा है कि यूएमएनएल के नेतृत्व वाले बारिसन नेशनल यानी नेशनल फ्रंट को जीत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बारिसन नेशनल गठबंधन
वर्ष 1957 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद बारिसन नेशनल गठबंधन देश की सत्ता पर काबिज रहा। 2014 में भ्रष्टाचार के आरोपों में आने के बाद 2018 के चुनाव में उन्हें अनवर के गठबंधन पीएच से हार का सामना करना पड़ा। 2018 के चुनावों के बाद यूएमएनओ के नेताओं को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाना पड़ा था। दलबदल के कारण वर्ष 2020 की शुरूआत में पीएच सरकार गिर गई और एक बार फिर यूएमएनओ सत्ता में आ गया।



