सीएम भजनलाल को महिलाओं ने बांधा रक्षासूत्र, रक्षाबंधन पर भाजपा का सियासी वार

जयपुर के मानसरोवर में रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। इस दौरान सीएम ने कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए ‘2 साल बनाम 5 साल’ का हिसाब जनता के सामने रखने की चुनौती दी।
सांगानेर के मानसरोवर में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को महिलाओं ने रक्षासूत्र बांधे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का ब्यौरा रखा और कांग्रेस को ‘2 साल बनाम 5 साल’ के मुद्दे पर खुली चुनौती दी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर जोरदार पलटवार किया और विकास के दावों को लेकर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस पर बरसे CM, पांच साल के कार्यकाल पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में राजस्थान की जनता को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार के समय युवा पेपरलीक की घटनाओं से परेशान रहे, किसान और मजदूर वर्ग त्रस्त रहा तथा गैंगस्टरों का आतंक भी सामने आता रहा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना एक ऐसे ‘जीर्ण-शीर्ण मकान’ से की, जो चारों तरफ से टूट चुका हो।
‘2 साल बनाम 5 साल’ पर कांग्रेस को खुली चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने राजस्थान के विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। पिछले ढाई वर्षों में पानी, बिजली, रोजगार, किसान और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने विधानसभा में ‘2 साल बनाम 5 साल’ का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस पर बहस करने के बजाय मैदान छोड़ दिया।
‘कांग्रेस अपने पांच साल का हिसाब दे’
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने पांच साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखे। इसके बाद जनता स्वयं तय कर सकती है कि किस सरकार ने ज्यादा काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विकास कार्यों का मूल्यांकन काम के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में इस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।
जल परियोजनाओं पर 2 लाख करोड़ से ज्यादा के काम का दावा
जल परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की जल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रामजल सेतु लिंक परियोजना पर मिशन मोड में काम किए जाने का दावा करते हुए उन्होंने लगभग 34 हजार करोड़ रुपये के यमुना जल समझौते को भी धरातल पर उतारने की बात कही। इसके अलावा इंदिरा गांधी नहर, गंग नहर, देवास योजना, जवाई बांध और बीसलपुर से जुड़ी जल योजनाओं का भी उल्लेख किया।
2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य
बिजली के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है और 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार ने चार लाख सरकारी नौकरियां देने का संकल्प लिया था। उनके अनुसार, एक लाख 89 हजार नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि एक लाख 22 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं और 70 हजार नई भर्तियों की तैयारी चल रही है।
20 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने का दावा
महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति, समृद्धि और ज्ञान का स्वरूप माना गया है तथा केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही है।
‘सरकार जनता को कब तक गुमराह करेगी?’
मुख्यमंत्री के इन दावों पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार जनता को कब तक गुमराह करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार अपने दो साल के कार्यकाल को कांग्रेस के पांच साल से बेहतर बता रही है तो विधानसभा में चर्चा के समय केवल सवा दो साल का प्रगति प्रतिवेदन क्यों रखा गया।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार का विकास जनता के सामने दिखाई दे रहा है। उन्होंने प्रदेश में भवन गिरने, बच्चों की मौत, अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत तथा अपराध की घटनाओं का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बलात्कार, चेन स्नैचिंग, साइबर ठगी, हत्या और अपहरण जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सरकार को इन मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।
निकाय चुनाव और पट्टों के मुद्दे पर भी घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने नगर निकाय चुनावों के संदर्भ में भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को बताए कि उसके कार्यकाल में कितने पट्टे जारी किए गए और पिछली सरकार के समय कितने पट्टे दिए गए थे। उन्होंने नगर निकायों और नगर निगमों से जुड़े फैसलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार द्वारा बनाए गए नए निकायों और जिलों को मौजूदा सरकार ने खत्म करने का काम किया।
रामजल सेतु और यमुना समझौते पर मांगा हिसाब
जूली ने रामजल सेतु, यमुना जल समझौते और नर्मदा समझौते को लेकर भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं को लेकर अभी तक पर्याप्त बजट स्वीकृत नहीं हुआ है और डीपीआर तक तैयार नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के सामने केवल घोषणाएं करने के बजाय सरकार को वास्तविक प्रगति बतानी चाहिए।



