सुनाम दाैरे पर सीएम मान, शहीद ऊधम सिंह को देंगे श्रद्धांजलि; कई परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

सीएम मान शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और सुनाम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सुनाम के दौरे पर हैं। मान शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और सुनाम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।
सुनाम की पवित्र धरती के महान शूरवीर शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का दौर शुरू हो गया है। सभी राजनीतिक दलों के नेता शहीद को नमन करने पहुंच रहे हैं। राज्य स्तरीय बलिदान दिवस समारोह नई अनाज मंडी में दोपहर को शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष रूप से शामिल होंगे।
इसी कड़ी में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल और शिरोमणि अकाली दल (पुनरसुरजीत) के वरिष्ठ नेता अमनबीर सिंह चैरी ने सुनाम पहुंचकर महान शहीद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, भाजपा की ज़िलाध्यक्ष दामन बाजवा ने शहीद के पैतृक आवास पहुंचकर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह जी अतुलनीय कुर्बानी की मिसाल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलती। देश की आजादी और स्वाभिमान के लिए उन्होंने जो अदम्य साहस दिखाया, वह पूरी दुनिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।
प्रतिमा पर फटा तिरंगा देख भड़के अकाली नेता
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व हल्का प्रभारी विन्नरजीत सिंह गोल्डी ने आम आदमी पार्टी सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं । गोल्डी ने शहीद स्मारक पर फैली अव्यवस्था और बदहाली का वीडियो सार्वजनिक करते हुए सरकार की नीयत और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
शहीद की प्रतिमा स्थल का जायजा लेते हुए विन्नरजीत सिंह गोल्डी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह जी की प्रतिमा के ठीक पीछे लगा देश का राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फटा हुआ है। क्या शहादत दिवस जैसे पावन और ऐतिहासिक दिन पर भी सरकार स्मारक पर नया तिरंगा नहीं फहरा सकती थी?
उन्होंने कहा कि प्रतिमा के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं। क्या महान शहीदों की यादग़ारों की साफ़-सफाई सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? सरकार ने स्व-प्रचार के लिए चारों तरफ बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग्स तो लगा दिए, लेकिन शहीद की प्रतिमा के रख-रखाव की सुध लेना भूल गई। खुद को शहीदों का वारिस बताने वाली सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है और शहीदों की स्मृतियों का ऐसा अनादर बेहद निंदनीय है। गोल्डी ने मांग की कि सरकार और प्रशासन तुरंत अपनी इस लापरवाही में सुधार करे और स्मारकों की गरिमा बनाए रखे।



