ईरान में कैसे होता है सुप्रीम लीडर का चयन? खामेनेई के बेटे मोजतबा को सत्ता मिलना तय

इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है।
इजरायल-अमेरिका ने साथ मिलकर ईरान पर हमला किया है। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। अब ईरान की सत्ता पर खामेनेई के बेटे मुजतबा को बैठाया जा सकता है।
मुजतबा का ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनना तय हो गया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) जल्द से जल्द नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति को लेकर फैसला ले सकता है।
युद्ध के बीच ईरान को मिलेगा नया सुप्रीम लीडर
इजरायल और अमेरिका के हमले से ईरान में दहशत का माहौल है। खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया जा सकता है।
IRGC नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति के लिए कानूनी प्रक्रिया को कम कर सकता है या सीधे ही नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति करने का फैसला ले सकता है।
कौन करता है सुप्रीम लीडर का चयन?
ईरानी संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर का चयन 88 वरिष्ठ धार्मिक विद्वानों वाली एक परिषद करती है। ‘विलायत-ए-फकीह’ के सिद्धांत पर ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन होता है।
ईरान में इस सिद्धांत के तहत केवल किसी बड़े धार्मिक विद्वान या मौलवी को ही सुप्रीम लीडर का पद मिल सकता है।
मुजतबा के सुप्रीम लीडर बनने में एक बड़ी समस्या सामने आ रही है। अयातुल्ला अली खामेनेई ने मौत से पहले उत्तराधिकारी का नाम सार्वजनिक रूप से तय नहीं किया था। इस वजह से ही ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन मुश्किल हो गया है।
ईरान पर लगातार हो रहे हमले
अमेरिका-इजरायल मिलकर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं। ईरान में दहशत का माहौल बढ़ता जा रहा है। ईरान भी इजरायल और अमेरिका के हमलों का जवाब दे रहा है। ईरान ने सात देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।



