तिरंगा फहराने और उतराने के क्या हैं नियम, चेक करें डिटेल

देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस पर्व पर हर जगह ध्वजारोहण किया जा जाता है। ऐसे में सभी को झंडा फहराने और उतारने के नियम जानना बेहद जरूरी हैं ताकी किसी भी प्रकार से तिरंगे का अपमान न हो।

देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व को लेकर देश के स्कूल, कॉलेजों में तैयारियां हो रही हैं। इस दिन पर स्कूल-कॉलेज के साथ ही विभिन्न सरकारी भवनों, सोसाइटी में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड, गीत-संगीत, भाषण प्रतियोगिता, कविता मंचन का आयोजन किया जाता है। हर जगह कार्यक्रमों में ध्वजारोहण किया जाता है। ऐसे में सभी के लिए झंडा फहराने और उतारने के नियम जानने बेहद जरूरी हैं ताकी तिरंगे का अपमान न हो।

ध्वजरोहण के नियम
ध्वज को उतारने के नियम

सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज को क्षैतिज रूप से रखें।
केसरिया और हरे रंग की पट्टियों को बीच की सफेद पट्टियों के नीचे मोड़ें।

सफेद पट्टी को इस प्रकार से मोड़ें कि केसरिया और हरे रंग की पट्टियों के साथ केवल अशोक चक्र दिखाई दे।
मोड़े हुए झंडे को हथेलियों या हाथों पर रखें और उसे सुरक्षित स्थान पर रख दें।

भारतीय ध्वज संहिता
भारतीय ध्वज संहिता को 26 जनवरी 2002 को लागू किया गया। था। इसके अंतर्गत विभिन्न ऐसे नियमों को लागू किया गया जिससे किसी भी प्रकार से तिरंगे झंडे का अपमान न हो। इस नियम के अनुसार जिस भी झंडे का उपयोग ध्वजारोहण के लिए किया जा रहा है वो आयताकार होना चाहिए और उसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होगा। झंडे पर किसी भी प्रकार से कुछ भी लिखा हुआ नहीं होना चाहिए। अगर झंडा किसी भी प्रकार से क्षतिग्रस्त है और कटा-फटा है तो उसको उपयोग में नहीं लाना चाहिए।

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