तेज हवाओं ने जहरीली फिजा से पहुंचाई हल्की राहत, हटीं ग्रैप-3 की पाबंदियां

प्रदूषण की मार झेल रही राजधानी दिल्ली को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लुढ़ककर 250 उनके नीचे आ गया है। यह हवा की खराब श्रेणी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा इसी श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, सोमवार से हवा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
राजधानी में नए साल के दूसरे दिन लोगों को जहरीली फिजा से हल्की राहत मिली। हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने के चलते शुक्रवार को बयार खराब श्रेणी में पहुंच गई। आज भी हवा खराब श्रेणी में बरकरार है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 222 दर्ज किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 211, आनंद विहार में एक्यूआई 282, अशोक विहार में 242, आया नगर में 149, बवाना में 145, बुराड़ी में 203, चांदनी चौक इलाके में 272 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
वहीं, डीटीयू में 235, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 266, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 148, आईटीओ में 218, जहांगीरपुरी में 309, लोधी रोड 148, मुंडका 281, नजफगढ़ में 183, नरेला में 228, पंजाबी बाग में 235, आरकेपुरम 252, रोहिणी 270, सोनिया विहार 237, विवेक विहार में 260, वजीरपुर में 271 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा इसी श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, सोमवार से हवा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हवा सुधरी तो हटीं ग्रैप-3 की पाबंदियां, पर जारी रहेगी कार्रवाई : मंजिंदर सिरसा
दिल्ली की हवा सुधरने के बाद ग्रैप-3 की पाबंदियां हटा ली गई हैं। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि राहत के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये सुधार लगातार जमीनी कार्रवाई का परिणाम है।
पर्यावरण मंत्री ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स बीते दिन 380 था, जो 24 घंटे के भीतर घटकर 236 पर पहुंच गया। खास बात ये रही कि बवाना इलाके में एक्यूआई 141 दर्ज किया गया, जिसे अच्छी श्रेणी में माना जाता है। उन्होंने कहा कि ये संकेत है कि सही दिशा में किए गए प्रयास से असर दिख रहे हैं। ग्रैप-3 की पाबंदियां हटने के बावजूद सरकार ढील नहीं देगी। यह आराम करने का नहीं, बल्कि और तेज काम करने का समय है। जो सुधार हुआ है, उसे बनाए रखना और आगे बढ़ाना चुनौती है।
उन्होंने बताया कि 24 घंटों में प्रदूषण के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। वाहन प्रदूषण के मामलों में 6,596 चालान काटे गए। पूरे शहर में 12,000 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया, जबकि धूल कम करने के लिए 6,261 किलोमीटर सड़कों की मशीनों से सफाई की गई। निर्माण और तोड़फोड़ से निकले 2,315 मीट्रिक टन मलबे को उठाकर वैज्ञानिक तरीके से निपटाया गया। अवैध कचरा डंपिंग के खिलाफ 405 जगहों पर जांच की गई, जिनमें 156 मामलों में सख्त कार्रवाई हुई। 40 प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया गया। प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले 99 हल्के वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।



