बिहार: सीमांचल दौरे पर पूर्णिया पहुंचे अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के दूसरे दिन गुरुवार की शाम पूर्णिया पहुंचे। इससे पहले उन्होंने किशनगंज और अररिया का दौरा किया। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं। गृह मंत्री ने गुरुवार की रात पूर्णिया में ही विश्राम किया। उनके प्रवास को देखते हुए स्थानीय होटल मेफेयर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान सुरक्षा घेरा पूरी तरह सील कर दिया गया था।
पार्टी नेताओं के साथ की राजनीतिक बैठक
पूर्णिया पहुंचने के बाद देर रात उन्होंने होटल में ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान क्षेत्र की जमीनी राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर संगठन की मजबूती और क्षेत्रीय मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की।
आज इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा को लेकर होगी गोपनीय समीक्षा
दौरे के तीसरे दिन गृह मंत्री होटल मेफेयर में एक महत्वपूर्ण और गोपनीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा इंडो-नेपाल बॉर्डर के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर रणनीति बनाना है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में बदलते जनसांख्यिकीय स्वरूप और उससे जुड़े आंतरिक व बाह्य सुरक्षा पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों की पहचान और प्रभावी रोकथाम के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक, IB, CID, SSB, CRPF, ITBP और एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी बैठक में भाग लेंगे।
दिल्ली के लिए करेंगे प्रस्थान
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समीक्षा बैठक के बाद गृह मंत्री शुक्रवार शाम करीब 4:20 बजे होटल मेफेयर से हेलीकॉप्टर द्वारा पूर्णिया सैन्य एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। वहां से वे सीधे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



