राजस्थान: डेटा मैपिंग नहीं होने आश्रित पेंशनर्स के RGHS कार्ड बंद

जन आधार कार्ड तथा आईएफएमएस से पारिवारिक पेंशनर की डेटा मैपिंग में आ रही असमानता के कारण पेंशनर्स को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में आश्रित पेंशनर्स के आरजीएचएस कार्ड बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में अब गंभीर स्थिति में इलाज की जरूरत पड़ने पर पेंशनर्स अस्पताल की जगह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एसीएस वित्त अखिल अरोड़ा ने इस संबंध में वित्त सचिव बजट को मामले में जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हेल्थ स्कीम में पारिवारिक पेंशनर की डेटा मैपिंग में आ रही असमानता के कारण बहुत से आश्रित पेंशनर्स का आजीएचएस कार्ड बंद कर दिया गया है, जिससे पेंशनर्स को इलाज के लिए इस योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। ऐसे में अनेक गंभीर रोगग्रस्त वृद्ध महिला पारिवारिक पेंशनर को इलाज में परेशानी हो रही है और नए कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं।
आज अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत एवं राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव सुधांश पंत एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा को इस बारे में ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ एवं राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पारीक ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि आरजीएचएस कार्ड में डाटा जन आधार कार्ड फेच होते हैं तथा जन आधार कार्ड में महिलाओं के समक्ष सुश्री अथवा श्रीमती नहीं दर्शाया जाता है जबकि पेंशन प्रकरणों में आईएफपीएमएस पर डाटा पे मैनेजर से फेच होते हैं।
पे मैनेजर में वैवाहिक स्थिति दर्शाया जाना आवश्यक है क्योंकि अविवाहित महिला कार्मिक एवं विवाहित महिला कार्मिक की मृत्यु की दशा में उनके पात्र पारिवारिक पेंशनर पृथक-पृथक होते हैं। अविवाहित महिला कार्मिक की मृत्यु की दशा में उसकी पारिवारिक पेंशन उसके पात्र आश्रित माता-पिता को मिलती है जबकि विवाहित महिला कार्मिक की मृत्यु की दशा में उसकी पारिवारिक पेंशन उसके पति को अथवा विधवा होने पर आश्रित पात्र संतान को मिलती है।
आरजीएचएस द्वारा जहां नए कार्ड तो बनाए ही नहीं जा रहे, वहीं ऐसे महिला पारिवारिक पेंशनर के कार्ड भी ब्लॉक कर दिए गए हैं क्योंकि उनकी आरजीएचएस एवं आईएफपीएमएस के डेटा की मैपिंग महिलाओं की वैवाहिक स्थिति के प्रतीक सुश्री एवं श्रीमती शब्द के कारण नहीं हो पा रही है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि ऐसे में महिला पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर आरजीएचएस एवं पेंशन विभाग के मध्य चक्कर काट रही है। राठौड़ ने बताया कि एसीएस वित्त अखिल अरोड़ा ने इस संबंध में वित्त सचिव बजट से वार्ता कर इस समस्या को शीघ्र सुलझाने का आश्वासन दिया है।