NATO सम्मेलन के दौरान फिसली ट्रंप की जुबान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने एक अजीबोगरीब बयान को लेकर चर्चा में हैं। तुर्किये में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने ईरान के बारे में बात करते हुए ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान’ कह दिया।

इस दौरान ट्रंप ने दावा किया कि इस देश ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत पर 111 मिसाइलें दागी थीं। ट्रंप का यह बयान कुछ देर में वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर उनका जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल तुर्कियें में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ईरान के साथ हालिया तनाव का जिक्र कर रहे है। इसी दौरान उन्होंने कहा, “हम पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान की तरफ से 111 मिसाइलें दागी गई थीं। उन्होंने हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाया।”

ट्रंप का ईरान की ओर था ईशारा

हालांकि, ट्रंप ने आगे ईरान के मिसाइल हमलों के बारे में बताना जारी रखा, जिससे साफ हो गया कि वह जापान की नहीं, बल्कि ईरान की बात कर रहे थे। वह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान कहना चाह रहे थे, लेकिन उन्होंने गलती से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान कह दिया। क्योंकि, जापान एक लोकतांत्रिक देश है और उसका ईरान से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया पर जमकर उड़ाया जा रहा मजाक

उनकी इस चूक की खबर कुछ ही मिनटों में फैल गई और सोशल मीडिया पर उनका खूब मजाक उड़ाया जा रहा है और आलोचना के शिकार हो रहे हैं, साथ ही मीम्स की भी बाढ़ आ गई है।

Kyoto यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर नाओकी यामामोटो ने इसको लेकर कहा, “यह वह ऐतिहासिक पल है जब अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ जापान को मान्यता दी।”

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