हरियाणा सरकार ने बढ़ाया इस Scheme का दायरा… लेकिन देर करने पर लगेगा एक्स्ट्रा ब्याज

हरियाणा सरकार ने लाइसेंस और चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मामलों में एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) का बकाया जमा करने वाले बिल्डरों और डेवलपर्स को बड़ी राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना ‘समाधान से विकास-2021’ की अवधि छह महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। हालांकि इस बार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जितनी देर से भुगतान होगा, उतना ही अधिक ब्याज और पेनल इंटरेस्ट देना होगा। इस फैसले का उद्देश्य वर्षों से लंबित ईडीसी बकाया की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करना है।

समय पर भुगतान पर कम पड़ेगा आर्थिक बोझ
नई व्यवस्था के तहत 100 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले डेवलपर्स को बकाया ब्याज और पेनल इंटरेस्ट का निर्धारित हिस्सा जमा करना होगा, जो प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। इसी प्रकार 50 प्रतिशत मूलधन जमा करने के विकल्प में भी देरी के साथ ब्याज की देनदारी बढ़ती जाएगी। इससे समय रहते भुगतान करने वाले डेवलपर्स को अधिक राहत मिलेगी।

शेष राशि चार छमाही किस्तों में जमा करने की सुविधा
सरकार ने पहले की तरह यह सुविधा भी जारी रखी है कि 50 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले डेवलपर्स शेष 50 प्रतिशत राशि चार छमाही किस्तों में अदा कर सकेंगे। इस राशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा, जबकि किस्तों में चूक होने पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा। पहली किस्त की गणना 50 प्रतिशत मूलधन और लागू ब्याज जमा करने की तिथि से की जाएगी।

इन्हीं मामलों को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वही लाइसेंस और सीएलयू मामले इस योजना के दायरे में आएंगे, जिनमें संबंधित संपत्ति की सेल डीड योजना की समाप्ति से पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के पक्ष में प्राप्त हो जाएगी। योजना की अन्य सभी शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।

हजारों करोड़ रुपये के बकाया राजस्व की वसूली पर फोकस
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का मानना है कि ओटीएस योजना की अवधि बढ़ाने से लंबे समय से लंबित ईडीसी बकाया की वसूली में तेजी आएगी। इससे डेवलपर्स को पुराने मामलों के निपटारे का अवसर मिलेगा, वहीं सरकार के अटके हुए हजारों करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली भी गति पकड़ेगी। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।

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