खंडवा: ओंकारेश्वर पहुंचे CM मोहन यादव ने सपत्नीक किए ज्योतिर्लिंग के दर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत स्थित एकात्म धाम में प्रस्तावित पंचायतन मंदिर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने पत्नी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 45 पवित्र शिलाओं का पूजन किया। साधु-संतों की मौजूदगी में मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत हुई। इससे पहले बुधवार रात मुख्यमंत्री ने पत्नी के साथ भगवान ओंकारेश्वर के शयन दर्शन किए थे और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की थी।
नागर शैली में बनेगा भव्य पंचायतन मंदिर
पंचायतन मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया जाएगा। मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य मंदिर होगा, जबकि चारों दिशाओं के कोनों में भगवान विष्णु, भगवान सूर्य, भगवान गणेश और देवी शक्ति के उपमंदिर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव की ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में विकसित हो रहा एकात्म धाम आने वाले समय में सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बनेगा।
आदि शंकराचार्य की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने विभिन्न उपासना पद्धतियों में समन्वय स्थापित करने के लिए पंचायतन पूजा की परंपरा को पुनर्जीवित किया था। ओंकारेश्वर में बनने वाला पंचायतन मंदिर इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि आज समाज के सामने कई चुनौतियां और विरोधाभास हैं। कुछ शक्तियां विकास और सामाजिक एकता की राह में बाधाएं खड़ी करती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान के आशीर्वाद से इन चुनौतियों का सामना किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 से पहले निकलेगी ‘एकात्म यात्रा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2028 के उज्जैन सिंहस्थ महापर्व से पहले मध्यप्रदेश में एकात्म यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी और सिंहस्थ के दौरान इसका समापन होगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के जरिए भारत की ज्ञान परंपरा, संत परंपरा और एकत्व के दर्शन का संदेश देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।
नर्मदा तट से जुड़ी है आदि शंकराचार्य की परंपरा
मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर अपने गुरु गोविंदपादाचार्य से आध्यात्मिक और दार्शनिक शिक्षा प्राप्त की थी। इसी आध्यात्मिक परंपरा को आधार बनाकर एकात्म धाम का विकास किया जा रहा है।
मांधाता पर्वत पर आकार ले रहा एकात्म धाम
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मांधाता पर्वत पर विकसित किया जा रहा एकात्म धाम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका आधार आदि शंकराचार्य का एकात्म दर्शन है, जिसमें विविधता में एकता और सभी जीवों में एक ही परम चेतना के अस्तित्व की अवधारणा पर जोर दिया गया है।
पंचायतन मंदिर का शिलान्यास और निर्माण इसी व्यापक परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बुधवार रात मुख्यमंत्री के शयन दर्शन और गुरुवार सुबह आधारशिला कार्यक्रम के साथ ओंकारेश्वर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक विकास से जुड़े आयोजनों को नई गति मिली है।



