बिहार: राजगीर खेलो इंडिया सेंटर में बड़ा बदलाव! अब अखाड़े की जगह तैराकी

बिहार में खेलों के बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने राजगीर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेल विधा बदलने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। अब इस केंद्र में कुश्ती की जगह तैराकी को आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा। विभागीय परियोजना अनुमोदन समिति (DPAC) की अनुशंसा के बाद युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन साई ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक को पत्र जारी कर वित्तीय सहायता और आवश्यक मानव संसाधन का ढांचा भी स्पष्ट कर दिया है।
तैराकी के लिए कोचों की तैनाती को मंजूरी
नई खेल विधा के तहत राजगीर सेंटर में खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण देने के लिए मानव संसाधन का व्यापक ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और तैराकी के लिए 3 मुख्य कोच तथा तैराकी के लिए 1 सहायक कोच की तैनाती को मंजूरी दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 से प्रभावी तीन तिमाहियों के लिए कोचों के वेतन मद में 40 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, तैराकी के उपभोग्य खेल उपकरणों के लिए 18 प्रतिशत जीएसटी सहित 18 लाख 21 हजार 920 रुपये मंजूर किए गए हैं। इस तरह चालू वित्तीय वर्ष में कुल 59 लाख 1 हजार 920 रुपये का प्रावधान किया गया है। आगामी वित्तीय वर्षों के लिए तैराकी समेत संबंधित मानव संसाधन और व्यवस्था का वार्षिक बजट 79 लाख 41 हजार 920 रुपये निर्धारित किया गया है।
अनुबंध के बाद जारी होगी आवर्ती राशि
आवर्ती कोष की यह राशि भारतीय खेल प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के बाद जारी की जाएगी। अनुबंध की मूल प्रति साई के कोलकाता क्षेत्रीय केंद्र को भेजी जानी है। इसके साथ ही वन-टाइम ग्रांट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। कुश्ती के लिए 27 मार्च 2026 को जारी की गई 15 लाख 62 हजार 821 रुपये की एकमुश्त अनुदान राशि को अब नियमों के तहत तैराकी विधा के गैर-आवर्ती उपकरणों की खरीद में इस्तेमाल किया जाएगा।
पुरानी 5.20 लाख की राशि बिहार सरकार को लौटानी होगी
इसके अलावा वर्ष 2023 में जारी की गई 5 लाख 20 हजार 940 रुपये की राशि को तैराकी अनुदान का हिस्सा नहीं माना जाएगा। यह राशि बिहार सरकार को वापस लौटानी होगी। डीपीएसी के निर्देश के अनुसार कुश्ती के तहत राज्य सरकार की ओर से पहले खर्च की गई राशि का वहन भी राज्य सरकार को ही करना होगा।
तैराकी उपकरणों का प्रस्ताव मांगा
राजगीर सेंटर में तैराकी प्रशिक्षण को जल्द शुरू करने के लिए बिहार सरकार से तैराकी उपकरणों की खरीद का विस्तृत मदवार प्रस्ताव भी मांगा गया है। इसके बाद आवश्यक उपकरणों की खरीद और अन्य तैयारियां पूरी की जाएंगी। मंजूरी और बजट के साथ अब राजगीर के खेलो इंडिया सेंटर में कुश्ती की जगह तैराकी को नई खेल विधा के रूप में विकसित करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में रास्ता साफ हो गया है।



