मोबाइल का 5 घंटे से ज्यादा इस्तेमाल बिगाड़ रहा है बच्चों का रिजल्ट

पूरी दुनिया में स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों के उपयोग के बढ़ते समय का असर किशोरों की पढ़ने की क्षमता पर साफ दिखाई देने लगा है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के दुनिया भर में किए गए आकलन के मुताबिक, 15 साल के छात्रों की पढ़ने, गणित और विज्ञान की क्षमता इस सदी में अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों ने इसके पीछे बढ़ते स्क्रीन टाइम और पढ़ने के लिए कम होते समय को प्रमुख कारणों में बताया है। ओईसीडी के 2025 के अंतरराष्ट्रीय छात्र आकलन (पीआईएसए) में 91 देशों के 15 साल के करीब 7.6 लाख छात्रों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों का औसत पढ़ने का स्तर अब उस स्तर के बराबर है, जिसकी उम्मीद पहले उनसे करीब एक साल कम उम्र के छात्रों से की जाती थी ।
पीआईएसए में पढ़ने का औसत स्कोर 2012 में 501 अंक के उच्चतम स्तर पर था, जो अब घटकर 466 रह गया है। ओईसीडी के महासचिव माथियास कार्मन ने कहा कि ज्यादा स्क्रीन टाइम और मनोरंजन के लिए कम पढ़ने की आदत का कमजोर परिणामों से सीधा संबंध दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि छात्र अब पाठ को जल्दी-जल्दी पढ़ रहे हैं और कई बार जल्दबाजी में गलत जवाब दे देते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संपन्न परिवारों से आने वाले छात्रों के पढ़ने के अंकों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। पढ़ने की क्षमता कमजोर होने के साथ गणित और विज्ञान के प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है। विज्ञान का औसत स्कोर 2009 के 506 से घटकर 486 और गणित का 502 से घटकर 469 हो गया।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब आधे छात्र पढ़ाई के लिए नियमित रूप से एआई चैटबाट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, निबंध लिखने, पाठ का सारांश तैयार करने या विषयों पर शोध के लिए इनका इस्तेमाल करने वाले छात्रों का विज्ञान स्कोर औसतन 20 अंक कम रहा, जो करीब एक साल की पढ़ाई के बराबर है।
पूर्वी एशिया के देशों- चीन, जापान, कोरिया, सिंगापुर और ताइवान ने इस आकलन में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। पढ़ने, गणित और विज्ञान तीनों में शीर्ष 10 में ब्रिटेन और एस्टोनिया के अलावा अधिकांश देश इसी क्षेत्र के रहे।
स्क्रीन से बढ़ा ध्यान का भटकाव
ओईसीडी ने स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने की सीधी सिफारिश नहीं की है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक 82 में से 59 शिक्षा प्रणालियों में डिजिटल उपकरणों से होने वाला ध्यान भटकाव विज्ञान में कम अंकों से पाया गया। चार में से एक से ज्यादा छात्रों ने कहा कि कक्षा में उपकरणों के कारण उनके सहपाठियों का ध्यान भटकता है।
ओईसीडी देशों में छात्र औसतन हर कार्य दिवस करीब 3.4 घंटे मनोरंजन के लिए डिजिटल उपकरणों पर बिताते हैं। पढ़ाई के लिए कक्षा और घर में वे करीब तीन घंटे और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। कॉर्मन के मुताबिक, डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल पढ़ाई में मददगार हो सकता है, लेकिन पांच घंटे से ज्यादा इस्तेमाल होने पर छात्रों के परिणाम गिरने लगते हैं।



