जालंधर: कमिश्नर दफ्तर के पास धरना देने के केस में विधायक शीतल अंगुराल बरी

शीतल अंगुराल जब भाजपा के विधायक थे तो उन्होंने अपने 10-12 साथियों के साथ पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरना लगा दिया था। इस मामले में पुलिस ने उन पर केस दर्ज किया था। 2017 के मामले में आज कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
जालंधर वेस्ट से आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल समेत 12 लोगों को कोर्ट ने धरना देने के केस में बरी कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ऑफिस के पास धरना लगाने के मामले में नामजद विधायक शीतल अंगुराल, उनके भाई राजन अंगुराल और भाजपा नेता प्रदीप खुल्लर सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। ये धरना शीतल अंगुराल ने भाजपा में रहते हुए लगाया था।
अब आप विधायक शीतल अंगुराल, भाई राजन अंगुराल, भाजपा नेता प्रदीप खुल्लर निवासी शास्त्री नगर, तरसेम सिंह, मिंटू, महेंद्र भगत, रमन गिल, आशु घई, अनिल सोनकर, विनोद भगत, सोनू दिनकर, संजय कालड़ा को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
यह केस 9 मई 2017 को थाना नई बारादरी ने दर्ज किया था। दर्ज केस में कहा गया था कि विधायक शीतल अंगुराल अपने 15-20 साथियों सहित पुलिस कमिश्नर जालंधर के पास एप्लिकेशन देने के लिए पब्लिक गेट के आगे पहुंचे। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामान करना पड़ा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि शिकायत देने के लिए सिर्फ सात-आठ लोगों के अंदर जाने की अनुमति थी। मगर, वह सभी अंदर जाना चाहते थे। जिसके चलते उन्होंने गेट के बाहर धरना लगा दिया था। इसी के लिए उन पर केस दर्ज किया गया था।



