झोलाछाप की दवा से सात माह की मासूम की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

शनिवार को दिन में अचानक बच्ची के पेट में दर्द और खांसी की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन इलाज के लिए उसे राजी जगदीशपुर स्थित खिरिहवा चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर ले गए। मां का आरोप है कि वहां मौजूद झोलाछाप मेडिकल स्टोर संचालक इलाज करता है। उसने बिना किसी चिकित्सकीय जांच के बच्ची को दो सिरप दे दी और घर भेज दिया।

गाेरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र में झोलाछाप की लापरवाही से सात माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने झोलाछाप पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची झंगहा पुलिस ने हालात को संभालते हुए आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बच्ची की पहचान माईधिया घेरऊवां गांव निवासी इच्छा (7) पुत्र राहुल निषाद के रूप में हुई है। बच्ची के मां सुमन के अनुसार, इच्छा 17 दिन पहले अपने ननिहाल, झंगहा थाना क्षेत्र के राजी जगदीशपुर बरहवा टोला निवासी नाना रामदरस निषाद के घर आई थी।

शनिवार को दिन में अचानक बच्ची के पेट में दर्द और खांसी की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन इलाज के लिए उसे राजी जगदीशपुर स्थित खिरिहवा चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर ले गए। मां का आरोप है कि वहां मौजूद झोलाछाप मेडिकल स्टोर संचालक इलाज करता है। उसने बिना किसी चिकित्सकीय जांच के बच्ची को दो सिरप दे दी और घर भेज दिया।

परिजन बच्ची को घर ले आए और दवा पिलाकर सुला दिए। इसके बाद बच्ची गहरी नींद में चली गई और शाम तक नहीं उठी। काफी देर तक जब बच्ची के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो परिजन घबरा गए और उसे दोबारा उसी मेडिकल स्टोर संचालक के पास लेकर गए।

आरोप है कि वहां पहुंचने पर बच्ची की हालत गंभीर बताई गई। कुछ ही देर में मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने झोलाछाप पर गलत दवा देने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस संबंध में थाना प्रभारी अनूप सिंह का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हिरासत में लिए गए मेडिकल स्टोर संचालक से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी इच्छा

पिता राहुल निषाद ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ी दीपिका उर्फ दीपक (5), छोटी (3) और सबसे छोटी इच्छा थी। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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