पंजाब में स्कूलों से लेकर अदालत तक को फिर आई धमकी, ई-मेल में केजरीवाल का नाम भी लिखा

जालंधर में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल खुलते ही ई-मेल के जरिए डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एमजीएन स्कूल को निशाना बनाते हुए धमकी भरा संदेश भेजा गया। ई-मेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया— “अपने बच्चों को बचाओ…”
इसके बाद स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसरों की गहन तलाशी शुरू कर दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भी चुनौती दी गई है। संदेश में 14 अप्रैल तक डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं हटाने की चेतावनी देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई, हालांकि यह भी लिखा गया कि बच्चों से उनका कोई बैर नहीं है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिन्हें जांच में अफवाह या शरारत पाया गया था। फिलहाल पुलिस साइबर टीम ई-मेल की ट्रेसिंग में जुटी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद 

फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है।

अमृतसर में स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को धमकी 

अमृतसर के कई स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं। सूचना मिलते ही शहर के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और व्यापक स्तर पर जांच शुरू की गई।

डीसीपी विजय आलम सिंह ने बताया कि ईमेल प्राप्त होते ही पुलिस टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। सभी प्रभावित स्कूलों और दफ्तरों में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों को भी तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर कर्मचारियों और छात्रों को बाहर निकालकर परिसरों की गहन जांच की गई, हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

साथ ही, साइबर सेल को ईमेल के स्रोत का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तकनीकी टीम ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि ये ईमेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजे गए। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी की पहचान की गई है, जिसे दूसरे राज्य से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि ईमेल के पीछे उसका मकसद क्या था और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। फिलहाल सभी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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