बारिश के बीच जयपुर में निकली तिरंगा यात्रा, जेपी नड्डा बोले- राष्ट्रगीत का अपमान नहीं होगा बर्दाश्त

जयपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बारिश के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल हुए। नड्डा ने राष्ट्रगीत के अपमान पर सख्त कार्रवाई की बात कही, जबकि सीएम ने तिरंगे के राजस्थान से ऐतिहासिक जुड़ाव का उल्लेख किया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत रविवार को जयपुर में बारिश के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अल्बर्ट हॉल से शुरू हुई इस यात्रा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए।
यात्रा अल्बर्ट हॉल से रवाना होकर रामनिवास बाग चौराहा, सांगानेरी गेट होते हुए बड़ी चौपड़ पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, युवा और बुजुर्ग इसमें शामिल हुए। बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी, जबकि राजस्थानी लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
समारोह को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि राज्यसभा में हाल ही में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, संविधान और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
नड्डा ने कहा कि करीब 55 साल पहले बने कानून में राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान को शामिल किया गया था, लेकिन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को इसमें जगह नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह उस समय की भूल थी या तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का परिणाम।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगे का राजस्थान से ऐतिहासिक जुड़ाव बताते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 को आजादी के अवसर पर पहली बार फहराया गया तिरंगा राजस्थान की धरती से जुड़ा था। उनके अनुसार वह तिरंगा दौसा में तैयार किया गया था, जो उस समय जयपुर रियासत का हिस्सा था। तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



