राजस्थान: सरकार का बड़ा ऐलान, RGHS में होगा बदलाव

राजस्थान सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। पू्र्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अहम बदलाव किए जाएंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार इस योजना को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए फुल-प्रूफ सिस्टम विकसित कर रही है, ताकि लाभार्थियों को समय पर और बाधारहित उपचार मिल सके। योजनान्तर्गत क्लेम यूनिट व क्लेम रिव्यू कमेटी का हाल ही में गठन किया गया है, जिनके द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी प्रकार आरजीएचएस में एंटी फ्रॉड यूनिट का गठन किया गया है, जो गडबडियों की जांच व अनियमितताओं के विरूद्ध कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि कुछ ऐसे अस्पताल जिन्होंने योजना में अनियमितताएं की हैं और उनकी जांच एवं आडिट चल रही है, वे अनुचित दबाव बनाकर भुगतान प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं और योजना के संचालन को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे अस्पतालों का चिन्हीकरण कर उनके विरूद्व सख्त एक्शन लिया जाएगा।
प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के लगभग 350 निजी अस्पतालों ने योजना के तहत ओपीडी, डे केयर और आईपीडी सेवाएं सुचारू रूप से दीं। साथ ही, राजकीय चिकित्सा संस्थानों में भी आरजीएचएस के अंतर्गत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पिछले 4 दिनों में करीब 38 हजार मरीजों को इस योजना के तहत इलाज मिला।राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHA) के सीईओ हरजीलाल अटल ने कहा कि जिन अस्पतालों ने फिलहाल सेवाएं रोकी हैं, उनसे निरंतर संवाद किया जा रहा है और योजना में आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया जारी है। विभाग की प्राथमिकता योजना का निर्बाध, पारदर्शी और लाभकारी संचालन है।
गौरतलब है कि RGHS में भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर निजी असपतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। दो माह पहले भी निजी अस्पतालों में योजना का कार्य बहिष्कार किया गया था। उसके बाद राजस्थान अलायन्स ऑफ़ हॉस्पिटल एसोसिएशनस और चिकित्सा विभाग के बीच वार्ता के गतिरोध खत्म हुआ तो सरकार ने बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी योजना के तहत भुगतान नहीं होने से अस्पताल संचालक दोबारा विरोध में उतर गए और बकाया भुगतान नहीं होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय किया गया है।