सरकार की खरीद से एमएसएमई को नई उड़ान, जेम से सरकारी खरीद में 156 प्रतिशत उछाल

दिल्ली में सरकारी खरीद की प्रक्रिया पहले छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए जटिल और समय लेने वाली थी। टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जानकारी हासिल करना तथा अलग-अलग प्रक्रियाओं को पूरा करना छोटे कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण था। अब जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के प्रभावी उपयोग से अब सरकारी खरीद की प्रक्रिया को डिजिटल, आसान और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने के लिए एक समान और व्यापक डिजिटल बाजार उपलब्ध हो रहा है।
सरकार द्वारा जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने से दिल्ली के छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने का बड़ा और पारदर्शी प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
जेम की बढ़ती खरीद ने दिलाई दिल्ली को राष्ट्रीय पहचान
दिल्ली की सरकारी खरीद में जेम के बढ़ते उपयोग और सेवाओं की खरीद में लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए दिल्ली को ‘सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्यूरमेंट एडोप्शन’ श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया। यह सम्मान जेम के माध्यम से सेवाओं की खरीद में बढ़ती हिस्सेदारी और जेम के फायदों को पहचानते हुए दिल्ली के सरकारी खरीदारों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान जेम के विकास में दिल्ली के महत्वपूर्ण योगदान और सरकारी खरीद में जेम को प्रभावी रूप से अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की मान्यता है।
जेम से खरीद में हो रही लगातार बढ़ोतरी
जेम के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 1,595 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी दिल्ली के छोटे कारोबारियों को मिल रहे बढ़ते बाजार और अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद जेम के माध्यम से हुई। यह वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें एमएसएमई यानी एमएसई से हुई खरीद की हिस्सेदारी लगभग 2,177 करोड़ रुपये रही।
पिछले कुछ वर्षों में भी छोटे कारोबारों की सरकारी खरीद में भागीदारी लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2021-22 में एमएसई से लगभग 965 करोड़ रुपये की खरीद हुई थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,177 करोड़ रुपये हो गई। दिल्ली के विक्रेताओं को वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 95 प्रतिशत ऑर्डर केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों के खरीदारों से आए। इससे दिल्ली के एमएसएमई को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर देशभर में अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
महिला, एससी/एसटी और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
दिल्ली सरकार की सरकारी खरीद व्यवस्था को ज्यादा समावेशी बनाने की दिशा में महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी भी बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये, एससी/एसटी उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये और स्टार्टअप्स से 405 करोड़ रुपये की खरीद हुई। सरकार का प्रयास है कि सरकारी खरीद का फायदा केवल बड़े कारोबारों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे कारोबारियों, महिला उद्यमियों, नए स्टार्टअप्स और अलग-अलग वर्गों के उद्यमियों को भी बराबर अवसर मिलें।
डिजिटल खरीद से आसान और पारदर्शी सिस्टम
जेम के जरिए खरीद की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और तेजी आती है। इसमें सीधी खरीद, एल-1 खरीद, बोली/रिवर्स नीलामी, फॉरवर्ड नीलामी और अन्य खरीद विकल्पों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा ऑनलाइन ऑर्डर, विक्रेता मूल्यांकन, ऑनलाइन बिल और भुगतान, एमआईएस रिपोर्टिंग तथा एआई/एमएल आधारित अनियमितता पहचान प्रणाली जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इससे पूरी खरीद प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनती है।
ट्रेनिंग और हैंडहोल्डिंग से कारोबारियों को सपोर्ट
दिल्ली सरकार सिर्फ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जेम से जुड़े लोगों और सरकारी विभागों की ट्रेनिंग और क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 65 से ज्यादा ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए गए, जिनमें 3,600 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें शिक्षा विभाग के जिला स्तर के ट्रेनिंग प्रोग्राम, प्रमुख अस्पतालों के लिए ट्रेनिंग और दिल्ली सचिवालय में जेम जागरूकता सप्ताह शामिल रहे। जेम टीम द्वारा विभागों को लगातार हैंड-होल्डिंग और सपोर्ट भी दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा सरकारी खरीद जेम के माध्यम से हो और एमएसएमई को इसका पूरा फायदा मिले।



