बिना खर्ची-बिना पर्ची का कमाल! सुपर-100 के 534 छात्रों ने क्रैक की IIT और NEET परीक्षा

हरियाणा के मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए आयोजित हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। दोनों नेताओं ने इसे हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और प्रतिभा का गौरवशाली क्षण बताते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2015 में उनकी सरकार ने शिक्षा में व्यापक सुधार का संकल्प लेते हुए “मेरिट को मिशन” बनाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इसी सोच के तहत बिना खर्ची और बिना पर्ची के सरकारी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की गई, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर अवसर मिले।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में सरकार ने योग्यता के आधार पर 18,218 सरकारी नौकरियां प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और नवीन मिश्रा के सहयोग से शुरू की गई सुपर-100 योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी उपलब्ध कराना था।
मनोहर लाल ने कहा कि इस योजना के सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। अब तक 534 विद्यार्थियों ने आईआईटी और नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके माता-पिता तथा शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ये युवा आने वाले भारत के वैज्ञानिक, इंजीनियर, चिकित्सक और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज उनके सामने नए भारत का उज्ज्वल और आत्मविश्वास से भरा भविष्य खड़ा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सुपर-100 के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन, संकल्प और पुरुषार्थ से यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली आईआईटी-जेईई परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विद्यार्थियों ने यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और गुरुजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सुपर-100 योजना की शुरुआत इसी उद्देश्य से की गई थी कि आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। सरकार ने प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने का कार्य किया, जिसके परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने वालों में बेटियों की भागीदारी अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां आज प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और सुपर-100 योजना में भी उन्होंने अग्रिम पंक्ति में स्थान बनाकर पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने का कार्य किया है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों की भी विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और सफलता का विश्वास भी जगाया। यही समर्पण विद्यार्थियों की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचार करने वाले और वैज्ञानिक सोच रखने वाले युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी प्रतिभा, बुद्धिमत्ता और नए विचार मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ‘की बुनियाद’ योजना के अंतर्गत संचालित 103 केंद्रों के साथ 25 नए केंद्र जोड़ने की घोषणा की।
इसके अलावा उन्होंने कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 सेंटर को 100 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के साथ बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा उनके अभिभावकों और शिक्षकों का भी अभिनंदन किया गया। पूरे समारोह में उत्साह, गर्व और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला।



