सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 के चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से साझा किए अनुभव

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान युवा अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने संबोधन में कहा कि कड़ी मेहनत और अनुशासन से ही सिविल सेवा परीक्षा में चयन के सपने को पूरा किया जा सकता है। इससे युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे अपने सेवाकाल में कर्मभूमि के साथ ही अपनी मातृभूमि की सेवा और उसके प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के जरिये युवाओं को लोक सेवक बनने का अवसर प्राप्त होता है। इसलिए वे विकसित भारत, विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के प्रयासों को गति प्रदान करें। साथ ही, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सभी सफल अभ्यर्थी आने वाली पीढ़ी को भी राष्ट्रनिर्माण के प्रति प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत ढाई वर्षों में हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास का रोड़मैप बनाकर उल्लेखनीय कार्य किए हैं। मूलभूत आवश्यकताओं की सुनिश्चितता के लिए विशेष रूप से पानी और बिजली के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम तेजी से हो रहा है। साथ ही, उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री से अनुज अग्निहोत्री, पक्षाल सेक्रेटरी, प्रवीण रत्नू, अदिति अरोड़ा, अनीता सहित अन्य सफल अभ्यर्थियों ने बातचीत की। इस अवसर पर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।



