सीएम सैनी ने ज्योतिसर तीर्थ पर टेका माथा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की सौर्य गाथा का इतिहास रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब सोमनाथ मंदिर पर प्रहार हुआ तब पूरे देश की आत्मा आहत हुई।
प्रदेश से श्रद्वालुओं के बड़े जत्थे को लेकर सोमनाथ दर्शन के लिए विशेष ट्रेन आठ जून को रवाना होगी, इसके लिए तैयारी की जा रही है। इस दर्शन के लिए श्रद्वालुओं में पूरजोर उत्साह दिखाई दे रहा है। यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सैनी का। वे आज कुरुक्षेत्र पहुंचे हैं, जहां पहले गीता स्थली ज्योतिसर तीर्थ पर माथा टेका और अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पिहोवा के अरूणाय स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पहुंचे, जहां क्लश यात्रा को रवाना किया और पूजा अर्चना भी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी लाइव दिखाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए गर्व का दिन है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर से जुड़कर हम सभी को इसके इतिहास से अवगत कराया है। विभिन्न प्रदेशों से भक्तों की यात्राएं सोमनाथ मंदिर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा करवाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना चलाई है, जिसके तहत ही हाल ही में भी करीब 850 श्रद्वालुओं का जत्था पांच दिन की धार्मिक यात्रा कर लौटा है। उन्होंने कहा कि आज देश विभिन्न योजनाओं के जरिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की सौर्य गाथा का इतिहास रहा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब सोमनाथ मंदिर पर प्रहार हुआ तब पूरे देश की आत्मा आहत हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था और वर्ष 1951 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया था। यह केवल अतीत का स्मरण नहीं बल्कि भविष्य के भारत का एक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुरुक्षेत्र को वर्ष 2015 में श्री कृष्णा सर्किट में शामिल किया गया था।



