हरियाणा: सब्जी मंडियों में अपनी मांगों को लेकर व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मांग है कि सरकार द्वारा आढ़तियों पर लगाए दो प्रतिशत टैक्स को हटाया जाए। इसके विरोध में सब्जी मंडी के आढ़तियों ने पहले भी सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। हालांकि मंडियों के बाहर किसानों और रेहड़ी चालकों ने सभी और फल बेच रहे हैं।
प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर नारनौल की सब्जी मंडी में भी व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर 10 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा पहले ही कर दी थी। जिसकी वजह से शहर में किसी भी दुकान व रेहड़ी पर सब्जी नहीं दिखाई दी। ऐसे में एक दो दिन तो लोगों को परेशानी नहीं होगी, लेकिन हड़ताल लंबी चली तो परेशानी बढ़ सकती है।
आढ़तियों का कहना है कि पिछले वर्ष की मार्केट फीस के हिसाब से आने वाले वर्ष की मार्केट फीस एडवांस में भरवाना चाहती है। इसके साथ प्रत्येक वर्ष 10 फीसदी और फीस लगाई जाएगी जो सरासर गलत है। सब्जी व्यापारियों ने कहा कि सरकार व्यापारियों पर स्लैब सिस्टम लागू करना चाहती है तथा छोटे दुकानदारों पर लाइसेंस की एवज में हर साल 7200 रुपए वसूलना चाहती है, जिसका दुकानदार विरोध कर रहे हैं।नारनौल सब्जी मंडी प्रधान अजीत सिंह ने बताया कि सरकार जब तक मांग नहीं मानेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
झज्जर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी व फलों पर एक मुश्त मार्केट फीस लगाने के विरोध में शनिवार से आढ़ती और मासाखोरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। मंडी परिसर में किसी प्रकार की कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई। हालांकि मंडी के बाहर किसानों और रेहड़ी चालकों ने सभी और फल बेच रहे हैं।
सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मांग है कि सरकार द्वारा आढ़तियों पर लगाए दो प्रतिशत टैक्स को हटाया जाए। इसके विरोध में सब्जी मंडी के आढ़तियों ने पहले भी सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। वहीं अब सब्जी मंडी आढ़ती संगठनों ने फैसला किया है कि वो प्रदेश भर की सब्जी मंडियों में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।सब्जी मंडी में 44 आढ़ती और लगभग 300 मासाखोर प्रतिदिन सब्जियों व फलों का व्यापार करते हैं।



