करियर में बाधा और पिता से अनबन? कुंडली में सूर्य हो सकता है कमजोर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को ग्रहों का राजा, आत्मा, पिता, मान-सम्मान का कारक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कुंडली में सूर्य कमजोर होने से जीवन में कई शारीरिक और मानसिक समस्यांए आती हैं। वहीं, जब कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, तो समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होती है और करियर में सफलता प्राप्त होती है।

क्या आप जानते है कि कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर कौन से संकेत मिलते हैं। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर जीवन में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कुंडली में सूर्य कमजोर के संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर जोड़ों में दर्द, हड्डियों के कमजोर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आंखों की रोशनी का कमजोर हो सकती है। इसके अलावा हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
ऐसा माना जाता है कि किसी भी काम को करने से पहले घबराहट महसूस होने पर कुंडली में सूर्य कमजोर हो सकता है। इसके अलावा मन में अज्ञात भय रहता है। साथ ही मन में नकारात्मक विचार आते हैं। ऐसे में आप रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करें। इससे आपको जीवन में शुभ परिणाम मिलेंगे।
कुंडली में सूर्य कमजोर का प्रभाव रिश्तों पर भी पड़ता है। पिता के साथ संबंधों में खटास आना या पिता के स्वास्थ्य का लगातार खराब रहना कुंडली में सूर्य के कमजोर का संकेत माना जाता है।

जरूर करें ये उपाय
अगर आप कुंडली में सूर्य को मजबूत करना चाहते हैं, तो रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दौरान सूर्य देव के मंत्रों का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
इसके अलावा कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए अपने पिता और घर के बुजुर्गों का सम्मान करें और उनकी सेवा करें। मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
सूर्य देव की पूजा के दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जरूर करें। इससे करियर में सफलता मिलती है।

Related Articles

Back to top button