पायलटों की मौत से मचा हड़कंप: पायलट संघ ने DGCA को लिखा पत्र

एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एएलपीए) ने शुक्रवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर अदालत द्वारा अनिवार्य उड़ान ड्यूटी समय सीमा के कार्यान्वयन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की।

पिछले दिनों दो पायलटों की मौत के बाद पायलट संघ ने डीजीसीए को यह पत्र लिखा है।उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों में एअर इंडिया और अकासा एयर के दो पायलटों को दिल का दौरा पड़ा। दोनों ड्यूटी पर नहीं थे।

एअर इंडिया के पायलट की बाली में विश्राम के दौरान, जबकि अकासा एयर के पायलट की मृत्यु प्रशिक्षण के दौरान हुई।

अपने पत्र में पायलट संघ ने कहा कि इस सप्ताह हुई पायलटों की मौत के मद्देनजर उड़ान सुरक्षा और चालक दल के कल्याण के बारे में चिंताएं हैं।

ये मुद्दे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) के निरंतर स्थगन के कारण उत्पन्न हुए हैं, जबकि इस विषय पर पहले भी कई बार आपत्ति जताई जा चुकी है।

एसोसिएशन ने कहा है कि आपरेटरों को लगातार छूट दिए जाने से एफडीटीएल नियमों का मूल उद्देश्य काफी हद तक कमजोर हो गया है। यह छूट अब प्रभावी रूप से मानक बन गई है, जबकि शुरू में इसे अस्थायी उपाय बताया गया था। यह पायलटों को थकान से राहत देने के उद्देश्य को विफल करता है।

इससे पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना और नियामक सीमाओं के भीतर शेड्यूलिंग को बढ़ावा मिल रहा है। अपने पत्र में एसोसिएशन ने डीजीसीए से इन बदलावों को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।

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