बर्फ, तूफान और कम ऑक्सीजन… फिर भी नहीं रुकीं मोनी,5,643 मीटर ऊंचे माउंट एल्ब्रुस पर लहराया तिरंगा

बिहार की बेटी और सारण की बहू मोनी कुमारी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5,643 मीटर) पर तिरंगा फहराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार ग्रामीण बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत मोनी ने खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच 14 अगस्त को तय समय से एक दिन पहले सफलतापूर्वक समिट पूरा किया।
बिहार की बेटी और सारण की बहू मोनी कुमारी ने यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5,643 मीटर) पर तिरंगा फहराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आरा (भोजपुर) की रहने वाली और बिहार ग्रामीण बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत मोनी कुमारी ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर यह कामयाबी हासिल की। उन्होंने इस उपलब्धि से बिहार के साथ-साथ अपने परिवार का नाम भी रोशन किया है।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले पूरा किया समिट
मोनी कुमारी ने अपने पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत 10 अगस्त 2026 को की थी। उनका मुख्य शिखर आरोहण 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रस्तावित था। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्र में मौसम के बिगड़ते मिजाज और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अपनी टीम के साथ तय समय से एक दिन पहले ही 14 अगस्त की सुबह माउंट एल्ब्रुस का सफल आरोहण कर लिया।
खराब मौसम और बर्फीले रास्तों के बीच चढ़ाई
माउंट एल्ब्रुस की चढ़ाई के दौरान मोनी कुमारी को कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। अभियान के दौरान अत्यधिक ठंड, तेज हवाएं, भारी बर्फबारी, कम ऑक्सीजन स्तर, फिसलन भरे बर्फीले रास्ते और लगातार बदलते मौसम ने उनकी परीक्षा ली। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ती रहीं। आखिरकार उन्होंने 5,643 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
माउंट किलिमंजारो भी कर चुकी हैं फतह
माउंट एल्ब्रुस पर मोनी कुमारी की यह पहली बड़ी पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का भी सफलतापूर्वक आरोहण किया था। पर्वतारोहण के तकनीकी पहलुओं को समझने और प्रशिक्षण हासिल करने के लिए वह प्रतिष्ठित बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स (BMC) भी पूरा कर चुकी हैं।
सारण के डटरा पुरसौली गांव से जुड़ा परिवार
मोनी कुमारी मूल रूप से आरा (भोजपुर) की रहने वाली हैं। वह सारण जिले के इसुआपुर प्रखंड के डटरा पुरसौली गांव निवासी विनोद कुमार सिंह के परिवार की बहू हैं। बैंक की नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ पर्वतारोहण के अपने जुनून को जारी रखते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
परिवार के सहयोग को दिया सफलता का श्रेय
मोनी कुमारी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार को दिया है। उन्होंने अपने पति आशीष कुमार, माता-पिता और सास-ससुर के निरंतर सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उनका कहना है कि परिवार के मजबूत सहयोग के बिना इस मुकाम तक पहुंचना मुश्किल था।
बिहार सरकार से सहयोग और प्रोत्साहन की उम्मीद
माउंट एल्ब्रुस फतह करने के बाद मोनी कुमारी ने बिहार सरकार से पर्वतारोहियों और अन्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को सरकारी स्तर पर सहयोग और प्रोत्साहन देने की उम्मीद जताई है। उनका सपना पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे भी बड़े अभियान पूरे करना है। वह चाहती हैं कि उनकी उपलब्धि बिहार की अन्य बेटियों को भी साहसिक खेलों और पर्वतारोहण की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
बैंक की नौकरी और पर्वतारोहण के जुनून के बीच संतुलन बनाकर मोनी कुमारी ने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत के दम पर कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। माउंट किलिमंजारो के बाद माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराने की उनकी उपलब्धि खासतौर पर बिहार की ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली युवतियों के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।



