हरियाणा: पूर्व विधायक दिलबाग सिंह को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने धन शोधन के एक मामले में यमुना नगर स्थित पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के आवास पर पिछले दिनों छापामारी की थी। पांच दिन चली छापेमारी के बाद आरोपी पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके करीबी खनन कारोबारी कुलविंद्र राणा को गिरफ्तार किया गया था।
इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह को गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने ईडी की गिरफ्तारी व रिमांड के आदेश को रद्द कर दिया है। दिलबाग सिंह ने हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए तुरंत रिहा करने का निर्देश जारी करने की अपील की थी।
विदेशी हथियार और शराब के मामले में ईडी की अनुशंसा पर यमुनानगर के प्रताप नगर थाने में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के खिलाफ दो अलग-अलग केस भी दर्ज किए गए हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में शुरू हुई तलाशी में पता चला कि आरोपी अवैध कारोबार का सिंडिकेट चला रहा था। आरोपी यमुनानगर के पड़ोसी जिले में माझा समूह के नाम से खनन कर रहे थे। आरोपियों ने अवैध खनन कर मोटी कमाई की थी।
ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान पूर्व विधायक की स्कॉर्पियो और लैंड क्रूजर गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन व बैंक खाते की डिटेल भी ली थी। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के करीबियों संजीव गुप्ता बिट्टा, चचेरे भाई गुरबाज संधू व रिश्तेदार इंद्रपाल उर्फ बब्बल के ठिकानों से पांच करोड़ रुपये, सोना, विदेशी हथियार, 294 गोलियां और विदेशी शराब की 138 बोतलें मिली थीं। दोनों पर सेक्शन 19 पीएमएलए एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बीती 19 जनवरी को ईडी ने दिलबाग सिंह के खिलाफ एक ओर मामला दर्ज किया था।



