जींद: पैमेंट नहीं होने के कारण जिले में दूध की सप्लाई बंद

जींद में वीटा मिल्क प्लांट पर दुग्ध उत्पादक किसानों की लगभग 82 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। पैमेंट नहीं मिलने पर दूध की सप्लाई देने वाले लोगों ने वीरवार को वीटा मिल्क प्लांट पर ताला जड़ दिया था, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। किसान वीटा मिल्क प्लांट के सामने धरना दे रहे हैं।

जींद में पैमेंट नहीं होने के कारण वीटा मिल्क प्लांट को दूध की सप्लाई देने वाले किसानों ने अपना दूध बंद कर दिया और वीटा मिल्ट प्लांट के गेट पर ताला लगाकर दूसरे दिन भी धरना दिया। इससे वीटा के उत्पादों की सप्लाई नहीं हो सकी। शहर की दुकानों पर दूध खत्म हो गया है। आज दूसरे उत्पाद क्रीम, पनीर भी खत्म हो जाएंगे। इससे लोगों काे खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

वीटा मिल्क प्लांट पर दुग्ध उत्पादक किसानों की लगभग 82 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। पैमेंट नहीं मिलने पर दूध की सप्लाई देने वाले लोगों ने वीरवार को वीटा मिल्क प्लांट पर ताला जड़ दिया था, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। किसान वीटा मिल्क प्लांट के सामने धरना दे रहे हैं। सीईओ मिल्क प्लांट द्वारा एक फरवरी से दस फरवरी तक दूध की पैमेंट करने का आश्वासन दिया था लेकिन 15 फरवरी हो गई है। किसी को कोई पैमेंट नहीं मिली है।

वीटा मिल्क प्लांट में दुग्ध उत्पादक किसानों का लगभग 82 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। पैमेंट के भुगतान को लेकर एक फरवरी को भी दुग्ध उत्पादक किसानों ने वीटा प्लांट के सामने विरोध जताया था और पैमेंट जारी करवाने की मांग की थी, तब आश्वासन मिला था कि दस फरवरी तक पैमेंट का भुगतान हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

इस पर दुग्ध उत्पादक किसानों ने वीटा प्लांट के सामने पहुंचे और ताला जड़ कर धरना शुरू कर दिया। शुक्रवार को भी ताला जड़ा रहा और धरना दे रहे हैं। वीटा प्लांट में प्रतिदिन लगभग ढाई लाख लीटर दुग्ध उपभोक्ताओं से खरीदा जाता है। इसकी पैमेंट बकाया है। वीटा प्लांट में दुग्ध उत्पादकों की मांग है कि उनकी पैमेंट जल्द करवाई जाए।

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