हरियाणा: कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर ट्रायल हुआ फेल

कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर करीब 86 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। पांच फरवरी को कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर स्थित ट्रैक का उत्तर रेलवे दिल्ली के अधिकारियों की तीन डिब्बों वाली ओएमआर स्पेशल ट्रेन ने नरवाना से लेकर कुरुक्षेत्र तक स्पीड ट्रायल किया था। लेकिन स्पीड ट्रायल सफल नहीं हो पाया है।
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर पांच फरवरी को ओएमआर स्पेशल ट्रेन की ओर से किया गया स्पीड ट्रायल सफल नहीं हो पाया है। ऐसे में अब इस मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन भी नहीं हो पाएगा। वहीं फिलहाल में चल रही रेलगाड़ियों की भी गति नहीं बढ़ सकेगी। इसके लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
ओएमआर स्पेशल ट्रेन की तरफ से की गई जांच के तहत नरवाना से ढांड तक तो स्पीड 100 किलोमीटर तक रही, लेकिन ढांड से कुरुक्षेत्र के बीच यह स्पीड नहीं आ पाई है। इस मार्ग पर करीब 20 से 25 किलोमीटर तक 80 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से ही स्पीड का ट्रायल हो पाया है। अब इस मार्ग पर चल रही अन्य ट्रेनों ट्रेनों की स्पीड भी नहीं बढ़ पाएगी। बताया जा रहा है कि रेलवे की ओर से कुछ माह बाद फिर से इस मार्ग पर स्पीड ट्रायल किया जाएगा।
रेलवे के अनुसार, इस मार्ग पर ढांड से कुरुक्षेत्र तक के बीच में जो ट्रैक बिछाया गया है, वहां पर ट्रैक की मिट्टी रेतीली बताई जा रही है। ऐसे में अभी ट्रैक 110 किलोमीटर प्रति घंटा के अनुसार मजबूत नहीं हो पाया है। इस कारण यहां पर 110 की स्पीड नहीं संभव हो सकी है। अभी यहां पर ट्रैक और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके बाद ही यहां पर फिर से एक बार स्पीड का ट्रायल किया जाएगा।
15 अधिकारियों की टीम ने किया था निरीक्षण
पांच फरवरी को कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर स्थित ट्रैक का उत्तर रेलवे दिल्ली के अधिकारियों की तीन डिब्बों वाली ओएमआर स्पेशल ट्रेन ने नरवाना से लेकर कुरुक्षेत्र तक स्पीड ट्रायल किया था। इस ट्रेन में जांच के जिले और दिल्ली से करीब 15 अधिकारी शामिल थे। इसमें उत्तर रेलवे दिल्ली के सीनियर इंजीनियर वैभव पाठक मुख्य रूप से शामिल हुए थे।
कैथल में 43 किलोमीटर का है रेलवे ट्रैक
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर करीब 86 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। इसमें से कैथल जिले में यह करीब 43 किलोमीटर का ट्रैक है, जो नरवाना की तरफ से कलायत से 20 और कुरुक्षेत्र तक ढांड से 23 किलोमीटर का ट्रैक जा रहा है। कुछ महीने पहले ही रेलवे की तरफ से करीब 60 किलोमीटर तक ट्रैक बदलने का कार्य किया गया था। गौरतलब है कि नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल मार्ग पर स्थित कैथल रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1870 में हुआ था। अब इसे 154 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इस पर कोई कार्य नहीं हो पाया था।
अधिकारियों के हाथ लगी निराशा
कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल ट्रैक पर गति बढ़ाने के लिए रेलवे ने स्पीड का ट्रायल किया था परंतु इसमें निराशा हाथ लगी है। रेलवे की ओर से स्पीड बढ़ाने के लिए किया जा रहा प्रयास अच्छा है। उम्मीद है कि रेलवे अब उन कमियों को जल्द दूर करेगी, जहां पर ट्रैक में कमी मिली है। इसके लिए रेलवे एक बार फिर से जल्द ही कमियों को दूर कर दोबारा से स्पीड का ट्रायल करे। -सतपाल गुप्ता, चेयरमैन, रेलयात्री कल्याण समिति कैथल।
चार साल पहले कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग की पटरी बदलने का काम शुरू हुआ था जो कि काफी महीने पहले पूरा हो चुका है। गत पांच फरवरी को ओएमआर स्पेशल ट्रेन के माध्यम से उत्तर रेलवे दिल्ली के अधिकारियों ने गति की जांच के तहत निरीक्षण किया था। इसमें ढांड से कुरुक्षेत्र के बीच कुछ कमी मिली है। इसके चलते अभी यह स्पीड ट्रायल सफल नहीं हो पाया है। अब यहां पर फिर से एक बार स्पीड ट्रायल होगा। –जेके अरोड़ा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल सेक्शन, उत्तर रेलवे।



