भारत में बनाए जा रहे 6,600 मेगावाट क्षमता के परमाणु संयंत्र, 2031-32 तक बदलेगी देश की ऊर्जा सूरत

मनोहर लाल ने लिखित उत्तर में कहा कि 6,600 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण 2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य है। सात हजार मेगावाट क्षमता के अन्य परमाणु संयंत्र योजना और अनुमोदन के विभिन्न चरणों में है।

बिजली मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि देश में लगभग 6,600 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता के संयंत्र निर्माणाधीन है।

उन्होंने यह भी कहा कि 12,723.50 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। 4,274 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं योजनाओं के विभिन्न चरणों में हैं और 2031-32 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

मनोहर लाल ने लिखित उत्तर में कहा कि 6,600 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण 2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य है। सात हजार मेगावाट क्षमता के अन्य परमाणु संयंत्र योजना और अनुमोदन के विभिन्न चरणों में है।

भारत की वर्तमान परमाणु क्षमता 8,780 मेगावाट से अधिक है। 11,620 मेगावाट/69,720 मेगावाट-घंटे की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) निर्माणाधीन हैं।

6,580 मेगावाट/39,480 मेगावाट घंटे की क्षमता वाली पीएसपी को मंजूरी मिल चुकी है। 9,653.94 मेगावाट/ 26,729.32 मेगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएस) का निर्माण कार्य चल रहा है।

अन्य प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने संसद को बताया कि भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में 52,536.49 मेगावाट की स्थापित उत्पादन क्षमता जोड़ी है। 31 जनवरी तक कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 5,20,511 मेगावाट है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों का हिस्सा 2,63,189 मेगावाट (50.6 प्रतिशत) है।

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