अवैध निर्माण पर दिल्ली सरकार का एक्शन, 94 इमारतें ढहाईं-114 संपत्तियां सील

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले छह दिनों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 94 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया है, जबकि 114 संपत्तियों को सील किया है। वहीं राजस्व विभाग ने 124 प्रॉपर्टी की जांच कर विभिन्न मामलों में नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की है।

सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण, अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और नागरिकों के जीवन व संपत्ति के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दे रही है जिससे भविष्य में अवैध और खतरनाक निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व विभाग, एमसीडी, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य एजेंसियां राजधानी के विभिन्न हिस्सों में संयुक्त रूप से प्रवर्तन अभियान चला रही हैं। राजस्व विभाग ने 124 स्थलों का निरीक्षण किया, जिनमें कई जगहों पर नोटिस जारी किए गए, 11 परिसरों को सील किया गया और तीन अनधिकृत भवनों को ध्वस्त किया गया।

एमसीडी के अनुसार एक जून से छह जून के बीच 94 अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके अलावा 114 संपत्तियों को सील किया गया, 84 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 41 मामलों में सीलिंग नोटिस और 33 मामलों में ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और अन्य भवनों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम कर रही है। उनका कहना है कि बीमा कंपनियां केवल उन्हीं भवनों को कवर देंगी जो संरचनात्मक सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन करेंगे। इससे भवन मालिकों पर सुरक्षा नियमों के अनुपालन का अतिरिक्त दबाव बनेगा।

डिजिटल सिस्टम होगा विकसित : इसके साथ ही दिल्ली सरकार दमकल विभाग की प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने की तैयारी भी कर रही है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में कार्रवाई की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उधर डीडीए ने भी अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है।

डीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बड़े पैमाने पर भवन उपविधियों के उल्लंघन वाले निर्माणों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में फैसला लिया गया कि स्वीकृत भवन नक्शे का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवन मालिकों के साथ-साथ दोषी आर्किटेक्ट के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ऐसे आर्किटेक्ट को डीडीए के पैनल से हटाने और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

डीडीए ने अपनी फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को भूमि पूलिंग क्षेत्रों और अधिसूचित विकास क्षेत्रों में अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि राजधानी में किसी भी ऐसे निर्माण या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने।

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