पंजाब में नौकरशाहों को हमेशा रास आती रही है राजनीति

पंजाब की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी परमपाल कौर ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी नौकरी छोड़कर अमृतसर नॉर्थ से आम पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़कर जीत चुके हैं।

पंजाब में नौकरशाहों को राजनीति हमेशा से ही रास आती रही है। इस बार भी कई अधिकारी रिटायर होने के बाद या इस्तीफा देकर राजनीति की तरफ दौड़ने लग गए हैं।

पंजाब की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी परमपाल कौर ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी नौकरी छोड़कर अमृतसर नॉर्थ से आम पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़कर जीत चुके हैं।

डॉक्टर जगमोहन सिंह राजू ने तमिलनाडु में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से इस्तीफा देकर अमृतसर ईस्ट सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए। फगवाड़ा से कांग्रेस विधायक और पूर्व अफसर बलविंदर सिंह धालीवाल सूबे के समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर थे, जिनको कैप्टन सरकार के कार्यकाल में नौकरी से इस्तीफा दिलाकर उपचुनाव लड़ाया गया था। भाजपा के एससी मोर्चा के प्रधान एसआर लद्दड़ पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी मित्तल भी पंजाब के आला पुलिस अधिकारी रह चुके हैं।

आम आदमी पार्टी ने जंडियाला से पीसीएस अधिकारी हरभजन सिंह को टिकट दिया था। भाजपा ने पूर्व आईपीएस अधिकारी और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा भी कई जिलों में तैनात रह चुके हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री सोमप्रकाश भी पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। पूर्व एडीसी जसविंदर सिंह रामदास भी आप नेता हैं।

एआईजी के पद से इस्तीफा देने वाले हरमोहन सिंह संधू भी पंजाब में चुनाव लड़ चुके हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सुरिंदर सिंह सोढ़ी पंजाब में आईजी रह चुके हैं। वह आप के नेता हैं। आईजी करतार पहलवान भी आप टिकट से चुनाव लड़कर हार का मुंह देख चुके हैं। परगट सिंह डायरेक्टर स्पोर्ट्स थे और पंजाब के मंत्री रह चुके हैं और जालंधर कैंट से कांग्रेसी विधायक हैं।

भारत की कबड्डी वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहे गुरलाल घनौर ने घनौर से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए पंजाब पुलिस में एएसआई का पद छोड़ दिया। पंजाब के पूर्व मंत्री फौजा सिंह सरहाली भी पंजाब पुलिस के एसआई रह चुके हैं।

अमर सिंह कांग्रेस के टिकट पर बने सांसद
भाजपा में पूर्व पुलिस अधिकारी अशोक बाठ हैं। वहीं आप के मंत्री बलकार सिंह डीसीपी रिटायर हैं। वह करतारपुर से विधायक बने और अब पंजाब के निकायमंत्री हैं। प्रसिद्ध बास्केटबॉल खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता सज्जन सिंह चीमा ने पुलिस अधीक्षक का पद छोड़ दिया था लेकिन वह जीत नहीं पाए।

पंजाब की समाज कल्याण मंत्री डॉ. बलजीत कौर एक मशहूर नेत्र सर्जन है और लंबे समय तक सिविल अस्पताल मुक्तसर में बतौर सर्जन कार्य किया है। उन्होंने 2022 में आप की टिकट पर चुनाव लड़ा था और वह वर्तमान में पंजाब की मंत्री हैं। पंजाब में राजनीति में प्रवेश करने से पहले वह एसोसिएट प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हुए और आप की टिकट पर चुनाव जीता। करतारपुर में कांग्रेस के इंचार्ज राजिंदर सिंह बनाए गए हैं जो कई जिलों के एसएसपी रह चुके हैं। सांसद अमर सिंह भी नौकरशाह रह चुके हैं, जबकि पूर्व सीएम प्रकाश सिंह के सचिव रहे आईएएस दरबारा सिंह गुरु भी अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा ने अमेरिका मेंं भारतीय राजदूत रहे तरणजीत सिंह संधू को इस बार मैदान में उतारा है।

तीन बार संसद पहुंचे सिमरनजीत मान
संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी आईपीएस अधिकारी थे, जिन्होंने नौकरी से त्यागपत्र देकर चुनाव लड़ा। वह तीन बार संसद पहुंचे। आप के करतारपुर से विधायक व पंजाब के निकायमंत्री बलकार सिंह का कहना है कि राजनीति कोई शौक नहीं है। आम आदमी पार्टी पंजाब में बदलाव लेकर आयी है। उसी बदलाव को लाने की कसक दिल में थी और आप की टिकट पर करतारपुर से चुनाव लड़ा था। काफी कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया जाए, जिसमें काफी हद तक आप सरकार सफल भी हो रही है।

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